Haryana News: संयुक्त ट्रेड यूनियनों की बैठक आयोजित, श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन बढाने की उठी मांग

On: March 21, 2026 11:09 PM
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हरियाणा सरकार के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर द्वारा बुलाई गई संयुक्त ट्रेड यूनियनों की बैठक में हिस्सा लिया

Haryana News: केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसीके राज्य अध्यक्ष कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने हरियाणा सरकार के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर द्वारा बुलाई गई संयुक्त ट्रेड यूनियनों की बैठक में हिस्सा लिया और पुरजोर श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 30000 रुपए प्रति माह की मांग उठाई।

कॉमरेड सिंह ने कहा कि न्यूनतम वेतन कानून के अंतर्गत हर 5 साल में रिवाइज करना चाहिए परंतु हरियाणा सरकार ने पिछले 10 साल से श्रमिकों की मांग के बावजूद भी रिवाइज नहीं किया। जबकि इन 10 सालों में महंगाई बेतहाशा बढ़ी है।Haryana News

उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक हर वयस्क श्रमिक को हर रोज 2700 कैलोरी , एक वर्ष में 18 गज पहनने के लिए कपड़ा , श्रमिक की कैटेगरी के अनुसार मकान किराया, ईंधन ,बिजली एवं अन्य विविध खर्चों के लिए न्यूनतम वेतन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गणना करके न्यूनतम वेतन बनता है। यह मापदंड न्यूनतम वेतन कानून में वर्णित है।

ट्रेड यूनियनों का अपना बनाया हुआ मनमर्जी का फार्मूला नहीं है। यह सही है कि न्यूनतम वेतन का कानून बनाने के लिए ब्रिटिश सरकार के खिलाफ श्रमिकों ने आवाज उठाई थी जब जाकर 1946 में इसका प्रारूप तैयार किया गया था और आज़ादी के बाद 1948 में यह कानून अस्तित्व में आया था।

कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के एक केस रफ्ताकोश कंपनी बनाम श्रमिक 1992 का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1948 न्यूनतम कानून के अलावा न्यूनतम वेतन में श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, मेडिकल जरूरत , सामाजिक रीति रिवाज , बुढ़ापा इत्यादि को भी ध्यान में रखकर न्यूनतम वेतन का निर्धारण किया जाए।Haryana News

इन तमाम मानदंडों को मद्देनजर रखते हुए न्यूनतम वेतन 30,000 रुपया प्रतिमाह होना चाहिए । ए आई यू टी यू सी सरकार के हर मंच पर श्रमिकों के न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को उठायेगी। प्रतिनिधिमंडल में कॉमरेड राजेंद्र सिंह के साथ ए आई यू टी यू सी रेवाड़ी के जिला सचिव, राज्य कमेटी के सदस्य कॉमरेड शेर सिंह,एवं श्रवण कुमार गुप्ता भी थे।Haryana News

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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