Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों को समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को हर 15 दिन में काम की प्रगति की समीक्षा करने को कहा, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर और पलवल जिलों के लिए गोबर धन योजना के तहत एक-एक प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेजने के आदेश दिए हैं। साथ ही, 500 वर्ग गज तक की शामलात भूमि पर बने अनाधिकृत मकानों के नियमितीकरण में तेजी लाने को भी प्राथमिकता दी गई है।
नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि अगर किसी परियोजना में गलत अनुमान (एस्टीमेट) बनाए गए तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ये निर्देश उन्होंने चंडीगढ़ में विकास एवं पंचायत विभाग और ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। इस बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की बैठकें आयोजित करने और शामलात भूमि पर बने अनाधिकृत मकानों के नियमितीकरण के साथ-साथ पात्र लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले तीन सप्ताह के भीतर इन बैठकों के माध्यम से मामलों का निपटान सुनिश्चित करने को कहा।
नायब सिंह सैनी ने उन लाभार्थियों के मामले तेजी से निपटाने के भी निर्देश दिए, जिन्हें मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के तहत अधिकार पत्र मिल चुके हैं लेकिन रजिस्ट्री अभी तक पूरी नहीं हुई। उन्होंने इसे अगले एक महीने के अंदर पूरा करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने राज्य वित्त आयोग की ग्रांट का सही और समुचित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद को जारी अनुदान के तहत विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। इसके अलावा, पंचायत समितियों की बैठक हर दो माह में आयोजित करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बढ़ाने पर भी बल दिया गया।

















