Haryana News: खरखड़ा गांव मे बनेगा हरियाली और औषधीय ज्ञान का केंद्र!

On: March 22, 2026 9:55 AM
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Haryana News: हरियाणा के जिला रेवाड़ी के गांव खरखड़ा में लगभग 4 एकड़ में हर्बल पार्क बनाया जाएगा। इससे यहां पर आने वाले पर्यटक जड़ी बूटियों के अलावा वैदिक उपचार पद्धति के बारे में भी जानकारी ले सकेंगे। बता दे यहां पर पुलिस महानिदेशक कार्यालय, सरकारी महाविद्याय, आईटीआई व बिजली बोर्ड पहले भी बनाया हुआ हैं गांव की ओर से काफी जमीन दी गई थी।Haryana News

 

आयुष विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा ने बुधवार को वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से गांव खरखड़ा में बनाए जाने वाले हर्बल पार्क की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 दिन के अंदर इसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन की ओर से डीडीपीओ नरेंद्र सारवान व जिला आयुष अधिकारी डा.दिनेश कुमार ने जिले में बनने वाले हर्बल पार्क के बारे में चर्चा की।

वीसी में महानिदेशक संजीव वर्मा ने बताया कि हर्बल पार्क के माध्यम से किसानों को वितरण के लिए गुणवत्ता वाले बीज और पौधे तैयार करने में मदद मिलेगी।

ये लगेगी जडीबूटी: बता दे इस हर्बल पार्क पत्थरचट, एलोवेरा, नागफनी, बेलपत्र, नीम, अश्वगंधा, करकरा, फनी सहित करीब 200 से अधिक जड़ी बुटियां लगाई जाएंगी। हर्बल पार्क में शिकाकाई, अश्वगंधा, तुलसी, मरवा, छुईमुई, शतावरी, बेहडा, तेजपत्ता, पिलखन, ग्वार पाठा, सर्पगंधा, पुत्रन जीवा, रुद्राक्ष, काला बांसा, गोंद कतीरा, सफेद चंदन, हार शृंगार, बड़ी इलायची, सदाबहार समेत सैकड़ों दुर्लभ जड़ी बूटियां भी पैदा की जाएगी।

यह पार्क न सिर्फ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि
👉 किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले औषधीय पौधों के बीज और पौधे भी उपलब्ध होंगे।
👉 वैदिक उपचार पद्धतियों की जानकारी मिलेगी।
👉 स्थानीय युवाओं और छात्रों को जैव विविधता और प्राकृतिक चिकित्सा की शिक्षा मिलेगी।
💡 आयुष विभाग की यह पहल प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ गांव के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि पर्यटक यहां जड़ी बूटियों के माध्यम से प्राचीन काल में होने वाले उपचार के बारे में जानकारी भी ले सकेंगे।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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