Haryana के डॉक्टरों की चुनौती: SMO भर्ती रुकवाने और ACP लागू करवाने के लिए CM को भेजा नोट

On: March 21, 2026 7:59 PM
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Haryana के डॉक्टरों की चुनौती: SMO भर्ती रुकवाने और ACP लागू करवाने के लिए CM को भेजा नोट

Haryana के सरकारी अस्पतालों में सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स (SMOs) की सीधे भर्ती और संशोधित Assured Career Progression (ACP) लागू न किए जाने के विरोध में डॉक्टर अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर देख रहे हैं। Haryana Civil Medical Services Association (HCMSA) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों की रविवार को बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। डॉक्टरों ने गुरुवार को सरकारी अस्पतालों में 9 बजे से 11 बजे तक OPD सेवाओं को दो घंटे के लिए बंद रखा था और संकेत दिया है कि वे पीछे नहीं हटेंगे। बैठक में आपातकालीन और पोस्टमार्टम सेवाओं सहित सभी स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह निलंबित करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

प्रमोशन अवसरों में कमी और विरोध

HCMSA के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्याली और महासचिव अनिल यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र में बताया कि SMOs की सीधे भर्ती को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे वर्तमान डॉक्टरों के प्रमोशन के अवसर कम हो गए हैं। वर्तमान में, सरकारी डॉक्टरों में से 95 प्रतिशत को पूरे सेवा काल में केवल एक ही प्रमोशन मिलता है। कई डॉक्टर प्रमोशन के अभाव के कारण स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए मजबूर हुए हैं। 2021 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट आदेश जारी किया था कि SMOs की सीधे भर्ती रोकी जाए, लेकिन यह अब तक लागू नहीं किया गया है।

संशोधित ACP और अन्य प्रोत्साहन लागू नहीं

संशोधित ACP को मुख्यमंत्री द्वारा मंजूरी देने के एक वर्ष बाद भी लागू नहीं किया गया है। डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए अन्य विकल्प जैसे नॉन-प्रैक्टिस अलाउंस, आयुष्मान इंसेंटिव और विशेषज्ञ प्रोत्साहन को भी सरकार ने स्वीकार नहीं किया है। संघ के पदाधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उन्हें आपातकालीन सेवाओं को बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस वजह से जनता को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

वर्तमान में कुल 644 SMO पदों में से लगभग 200 पद खाली हैं। इनमें से 160 पद सीधे भर्ती के आरक्षण के कारण बंद हैं क्योंकि सेवा नियमों में संशोधन नहीं किया गया है। कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और सिविल सर्जन ऑफिस स्तर पर SMOs और डिप्टी सिविल सर्जन्स की कमी के कारण राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए, 200 खाली SMO पदों को तुरंत प्रमोशन के माध्यम से भरा जाना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए और कार्यक्रम सुचारू रूप से चल सकें।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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