QR Code: ” पैसे मंगाने के नाम पर QR Code भेजकर खातों से रकम उड़ाने के मामले बढ़े तेजी से बढ रहे है। आलम यह है कि “Receive नहीं, Pay होता है” की जानकारी न होने से आमजन बन रहे लोग हर दिन शातिर गिरोह के चुंगल में फंस कर ठगी का शिकार बन रहे है। क्योंकि करोना काल के बाद से ऐसे केस तेजी से बढते जा रहे है।QR Code
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस की ओर से आमजन को जागरूक करते हुए QR Code के माध्यम से बढ़ रही साइबर ठगी को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच साइबर अपराधी QR Code का गलत इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
QR Code स्कैन से ठगी’: पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ठग खुद को खरीदार, ग्राहक या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करते हैं और कहते हैं कि वे आपके खाते में पैसे भेजना चाहते हैं। इसके लिए वे एक QR Code भेजते हैं और उसे स्कैन करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति QR Code स्कैन करता है, उसके खाते से पैसे कट जाते हैं।Railway new refund rule: रेलवे ने बदल दिया रिफंड का नियम, यात्रियों के जेब पर पड़ेगा असर
उन्होंने स्पष्ट किया कि QR Code का उपयोग केवल पैसे भेजने (Pay) के लिए होता है, न कि पैसे प्राप्त (Receive) करने के लिए। यदि कोई व्यक्ति पैसे भेजना चाहता है तो उसे केवल UPI ID या मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है, QR Code स्कैन करवाने की नहीं।
पुलिस द्वारा आमजन के लिए जारी मुख्य सावधानियां
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR Code को स्कैन न करें। “पैसे लेने” के नाम पर QR Code स्कैन करने से बचें। लेन-देन से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन को तुरंत रोकें। बैंकिंग व UPI संबंधित जानकारी किसी के साथ साझा न करें। केवल आधिकारिक व विश्वसनीय माध्यमों से ही भुगतान करें। किसी भी प्रकार के लालच या जल्दबाजी में निर्णय न लें।
इन संकेतों को पहचान कर तुरंत सतर्क हो जाएं:
पैसे भेजने के नाम पर QR Code भेजना, जल्दी-जल्दी स्कैन करने का दबाव बनाना, अनजान नंबर या सोशल मीडिया से संपर्क बिना वजह ट्रांजेक्शन करने के लिए कहना, “पहले स्कैन करो, फिर पैसे मिलेंगे” जैसी बातो से सतर्क रहे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर थाना में भी सूचना दें।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने अपील की है कि आमजन सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के झांसे में आकर QR Code स्कैन न करें। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।DA Hike Update: केंद्रीय कर्मचारियों को जल्द मिलेगा तोहफा, DA पर बड़ी अपडेट आई सामने, देखें













