Haryana News: हरियाणा सरकार ने कॉमन कैडर ग्रुप-डी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें अनुकम्पा नियुक्ति, त्यागपत्र, अनुशासनात्मक कार्रवाई, तबादला और पोस्टिंग जैसे विषय शामिल हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
सरकार के मुताबिक 28 मार्च 2018 या उसके बाद नियुक्त हुए सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों पर हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 के नियम पूरी तरह लागू होंगे। यह भी दोहराया गया है कि 21 दिसंबर 2023 की अधिसूचना के अनुसार मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक इन कर्मचारियों के लिए नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
नए दिशा-निर्देशों के तहत अनुकम्पा नियुक्ति, त्यागपत्र, अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा तबादले–पोस्टिंग से जुड़े सभी मामलों को अब मानव संसाधन निदेशालय को भेजा जाएगा। यह तभी लागू होगा जब संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति प्राधिकारी मानव संसाधन विभाग का महानिदेशक होगा। इससे इन मामलों के निपटारे में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
अनुकम्पा नियुक्ति के मामलों की जांच हरियाणा अनुकम्पा सहायता या नियुक्ति नियम, 2019 के अनुसार की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागाध्यक्ष की संस्तुति आवश्यक होगी और एचएसएएस कैडर का अधिकारी इन मामलों का सत्यापन करेगा। इससे उन परिवारों को सही और समय पर सहायता मिल सकेगी, जिनके सदस्य की मृत्यु या गंभीर स्थिति के कारण अनुकम्पा नियुक्ति की आवश्यकता होती है।
इसके साथ ही 28 मार्च 2018 के बाद नियुक्त हुए ग्रुप-डी कर्मचारियों के त्यागपत्र से संबंधित मामलों को संबंधित विभाग या नियंत्रण प्राधिकारी द्वारा जल्द से जल्द मानव संसाधन विभाग को भेजना होगा। अनुशासनात्मक मामलों में तथ्य, दस्तावेज और विभागीय संस्तुति पूर्ण रूप से शामिल होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या भ्रम की स्थिति न बने।
सरकार का उद्देश्य ग्रुप-डी कर्मचारियों से जुड़े सभी मामलों को स्पष्ट, सरल और व्यवस्थित तरीके से निपटाना है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता बनी रहे। यह कदम कर्मचारियों की सेवा शर्तों को सुचारू और न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

















