Haryana News: दिल्ली जयपुर हाईवे Dharuhera पर एक बिल्डर की ओर से प्लाट नहीं देने मामले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग रेवाड़ी ने बडा फैसला सुनाया है। आयोग ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स पर भरी हुई राशि का 18 % वार्षिक दर से ब्याज सहित व 20 हजार रूप्ए कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है। इतना बिल्डर को यह राशि आदेश के एक माह के अंदर देनी होगी।
एडवोकेट आशीष राव ने बताया कि खरखड़ा निवासी राकेश कुमार ने साल 2016 में धारूहेड़ा में एक निजी बिल्डर से लिया था जिसमें अभी तक बिल्डर मौका पोजीशन नहीं दे पाया। परेशान होकर खरीददार खरखड़ा निवासी राकेश कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग रेवाड़ी में शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की शिकायत की।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा की पीठ ने राकेश कुमार बनाम पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड केस में फैसला सुनाते हुए पार्श्वनाथ बिल्डर को आदेश दिया कि खरीदार राकेश कुमार को दी हुई राशि का 18 % वार्षिक दर से ब्याज के साथ ₹1,00,000/- मानसिक प्रताड़ना और ₹20,000/- कानूनी खर्च का जुर्माना लगाते हुए 30 दिन के अंदर भुगतान का आदेश दिया।
बता दे कि पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड (पीडीएल) भारत की एक प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी है। यह आवासीय, वाणिज्यिक, और रिटेल प्रोजेक्ट में विशेषज्ञता रखती है. कंपनी का गठन 1990 में हुआ था. इसका रजिस्टर्ड ऑफ़िस दिल्ली के शाहदरा में है।
इसकी ओर से हाईवे पर धारूहेड़ा, गुरूग्राम, राजस्थान, गाजियाबाद, दिल्ली में कई जगह आवासीय, वाणिज्यिक, और रिटेल प्रोजेक्ट बनाए हुए है।Haryana News

















