Haryana News: हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 25 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि अब तक करीब 5 लाख महिलाओं के ही आवेदन सत्यापित हो पाए हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर इस योजना की पहली किस्त महिलाओं के खातों में डालने जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाओं की उम्र 23 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनकी पारिवारिक आय सालाना एक लाख रुपए से कम होनी चाहिए। सरकार ने 25 सितंबर से इस योजना के लिए पोर्टल खोला था, ताकि पात्र महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकें।
महिलाओं को मिलेगा ₹2100 प्रतिमाह का लाभ
राज्य की भाजपा सरकार ने इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को ₹2100 प्रति महीना देने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह योजना तीन चरणों में लागू की जाएगी। पहले चरण में एक लाख रुपए सालाना आय वाली महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे चरण में ₹1.80 लाख सालाना आय वाली महिलाओं को शामिल किया जाएगा। अंतिम चरण में इस योजना का विस्तार करते हुए लगभग 50 लाख महिलाओं को लाभ देने की योजना है। बताया जा रहा है कि हर जिले में औसतन 1 लाख महिलाएं इस योजना में शामिल की जाएंगी। फिलहाल करीब 5 लाख महिलाओं का सत्यापन पूरा हुआ है और अनुमान है कि पहली किस्त लगभग 10 लाख महिलाओं को जारी की जाएगी, जबकि प्रारंभिक लक्ष्य 21 लाख महिलाओं का था।
महिलाओं को मिलेगी किस्त की राशि तय करने की आज़ादी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिलाएं खुद तय कर सकेंगी कि उन्हें हर महीने कितनी राशि चाहिए। सरकार ने यह विकल्प इसलिए जोड़ा है क्योंकि योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि को पारिवारिक आय में जोड़ा जाएगा, जिससे कई परिवारों के बीपीएल (गरीबी रेखा) राशन कार्ड कटने की संभावना है। इसलिए अगर कोई महिला ₹2100 प्रति माह की पूरी राशि नहीं लेना चाहती है, तो वह कम राशि चुन सकती है। सरकार का मानना है कि इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो बीपीएल सूची में बने रहना चाहते हैं। योजना के तहत महिलाओं को ₹25,000 से अधिक सालाना लाभ मिलने वाला है, जो ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से बहुत मददगार साबित होगा।
सरकार की चुनावी रणनीति और सामाजिक प्रभाव
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को हरियाणा सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़कर देखा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा सरकार ने यह योजना कांग्रेस के “₹2000 प्रति महिला” वाले चुनावी वादे को कमजोर करने के लिए लागू की है। हालांकि, सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। यह योजना उन महिलाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जो अब तक घरेलू जिम्मेदारियों में सीमित थीं। अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह हरियाणा में महिला कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है।
















