Haryana News: हरियाणा ओपन स्कूल ने क्रेडिट ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 10वीं कक्षा की परीक्षा के लिए कुछ नए नियम लागू किए हैं। अब 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए कम से कम 30 पीरियड की उपस्थिति जरूरी होगी। साथ ही, आवेदन करने वाले छात्र की उम्र कम से कम 14 साल होनी चाहिए। इसके अलावा, 10वीं और 12वीं की परीक्षा के बीच कम से कम दो साल का अंतर होना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
पहले ऐसा था कि ओपन स्कूल के छात्रों को केवल संबंधित क्षेत्र के डीईओ या समकक्ष अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित सरकारी या स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र देना होता था। लेकिन अब ये नियम और सख्त कर दिए गए हैं ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और मानक बनाए रखे जा सकें। यह निर्णय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक अहम बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने की। बैठक में शिक्षा निदेशक, स्वास्थ्य निदेशक समेत कुल 11 विभागों के निदेशक मौजूद थे। सभी ने इस नीति को लागू करने पर सहमति जताई।
क्रेडिट ट्रांसफर पॉलिसी का उद्देश्य उन छात्रों को फायदा पहुंचाना है, जो किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से माध्यमिक या वरिष्ठ माध्यमिक की परीक्षा में कम से कम एक विषय में उत्तीर्ण हो चुके हैं। ऐसे छात्र अपने पास उपलब्ध उत्तीर्ण विषयों के क्रेडिट को ओपन स्कूल में ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे उन्हें बार-बार पूरी परीक्षा देने की बजाय केवल बाकी बचे विषयों की परीक्षा में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। यह नीति छात्रों के समय और प्रयास दोनों की बचत करेगी।
हर साल करीब 50 हजार बच्चे हरियाणा में ओपन स्कूल के माध्यम से 10वीं और 12वीं की परीक्षा देते हैं। इस नई नीति से यह सुनिश्चित होगा कि ओपन स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्र सही शैक्षणिक योग्यता और अनुशासन के साथ पढ़ाई करें। साथ ही, यह व्यवस्था छात्रों की शिक्षा को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगी।

















