Haryana News: हरियाणा की सैनी सरकार ने गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी योजना शुरू की है इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को राहत देना है जिनकी सालाना आय तीन लाख रुपये या उससे कम है सरकार ने यह ऐलान किया है कि इन परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा
जिससे उन्हें अस्पताल के भारी खर्च से राहत मिल सकेगी यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रखने में मदद करेगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का नाम आयुष्मान कार्ड योजना रखा गया है इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवारों को सिर्फ 15 सौ रुपये खर्च करने होंगे इसके बाद उन्हें पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा पूरी तरह मुफ्त मिलेगी अब तक राज्य के आठ लाख से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं उन्होंने अस्पतालों में जाकर मुफ्त इलाज करवाया है जिससे उनके इलाज का खर्च शून्य हो गया है और परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा है
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा इसके लिए सरकार ने एक विशेष पोर्टल शुरू किया है जैसे ही आवेदन स्वीकृत हो जाता है परिवार को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है इससे गरीब परिवारों को बड़ी वित्तीय मदद मिलती है और उन्हें इलाज के लिए जगह जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ती इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रखी गई है
15 अगस्त से शुरू हुई योजना
सरकार ने इस योजना के लिए पोर्टल 15 अगस्त से शुरू किया था और तभी से लाखों लोग इसका लाभ ले चुके हैं सरकार का कहना है कि यह गरीबों के हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है ताकि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवारों को इस योजना से जोड़ना है ताकि कोई भी इलाज के अभाव में परेशान न हो
इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज अनिवार्य हैं जैसे आधार कार्ड मुख्यमंत्री पात्रता पत्र पासपोर्ट साइज फोटो मोबाइल नंबर और राशन कार्ड यदि आपके पास ये दस्तावेज उपलब्ध हैं और आपकी सालाना आय तीन लाख रुपये या उससे कम है तो आप इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं ताकि उनकी सेहत सुरक्षित रह सके और वे बिना चिंता के इलाज करवा सकें
















