हरियाणा: हरियाणा सरकार का बड़ा फ़ैसला: भ्रष्टाचार को लेकर नया SOP लागू, जानिए क्या है नया नियम

On: January 11, 2026 4:51 PM
Follow Us:
cm haryana

हरियाणा: भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर नया SOP लागू होने जा रहा है। साफ जाहिर है कि हरियाणा में अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसियां सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। क्यों कि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच को लेकर केंद्र सरकार ने हरियाणा समेत सभी राज्यों को नए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

 

ऐसे मामलों में अब जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े जाने वाले मामलों में पहले की तरह तत्काल कार्रवाई जारी रहेगी। इन निर्देशों का अध्ययन करने के बाद हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17A के अनुसार नई SOP लागू करने के निर्देश दिए हैं।

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह SOP सभी लंबित मामलों पर भी लागू होगी, जिनमें अभी तक धारा 17A के तहत अनुमति नहीं ली गई है। नई SOP के अनुसार, भ्रष्टाचार के मामलों में जांच की अनुमति मुख्य सचिव स्तर से दी जाएगी। वहीं, यदि मामला किसी अन्य जांच एजेंसी से जुड़ा है, तो संबंधित अधिकारी के प्रशासनिक विभाग को ही सक्षम प्राधिकारी माना जाएगा।

ये है नया एसओपी: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। इसके तहत यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो बिना अनुमति न तो पूछताछ की जा सकेगी और न ही जांच शुरू की जा सकेगी।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now