Haryana AQI: हरियाणा की हवा में जहर घुला — दिनभर लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन

On: November 1, 2025 5:53 PM
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Haryana AQI: हरियाणा की हवा में जहर घुला — दिनभर लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन

Haryana AQI: हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। शनिवार को पूरे दिन प्रदेश के कई इलाकों में लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। प्रदूषित हवा ने हालात इस कदर बिगाड़ दिए कि लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचाने लगे। डॉक्टरों ने इसे बेहद चिंताजनक बताया है और लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदूषण मुख्य रूप से पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक धुएं के कारण बढ़ा है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा की हवा धीरे-धीरे “गंभीर” और “खतरनाक” श्रेणी में पहुंच गई। शुक्रवार रात 12 बजे तक राज्य का औसत AQI 239 था, जो सामान्य से पहले ही खराब स्थिति में था। लेकिन सुबह तक हालात और बिगड़ गए — 4 बजे AQI 260, 6 बजे 276, और 8 बजे यह 345 पर पहुंच गया। इसके बाद यह बढ़ते-बढ़ते सुबह 10 बजे 445 तक पहुंच गया, जो “खतरनाक” श्रेणी में आता है। हालांकि दोपहर की धूप ने कुछ राहत दी, जिससे यह 12 बजे 313 तक गिरा, लेकिन शाम ढलते ही हवा में फिर से जहर घुल गया। शाम 5:30 बजे तक AQI दोबारा बढ़कर 323 दर्ज किया गया। यानी हवा की गुणवत्ता दिनभर बेहद खराब बनी रही।

गुरुग्राम, फरीदाबाद और नौल्था देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल

हरियाणा के कई शहर शनिवार शाम तक देश के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। इनमें गुरुग्राम पांचवें, फरीदाबाद आठवें और नौल्था नौवें स्थान पर रहा। वहीं बहादुरगढ़, बेगमपुर और धारूहेड़ा जैसे शहरों में भी वायु गुणवत्ता “गंभीर” और “अस्वस्थ” श्रेणी में दर्ज की गई। इन इलाकों में हवा इतनी जहरीली थी कि स्थानीय लोगों ने आंखों में जलन, सिरदर्द, सांस फूलने और खांसी बढ़ने की शिकायत की। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा देखा गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदूषण के कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जी के मरीजों की संख्या अस्पतालों में तेजी से बढ़ रही है।

सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की अपील — सावधानी ही बचाव

बढ़ते प्रदूषण के बीच हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खासकर सुबह और शाम के समय जब हवा में धूलकणों की मात्रा ज्यादा होती है। साथ ही मास्क का उपयोग, घरों में पौधे लगाना और वाहनों का सीमित उपयोग करने की सलाह दी गई है। सरकार ने जिलों में एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो हरियाणा के कई शहरों में दिल्ली जैसी स्थिति बन सकती है।

प्रदूषण का यह स्तर न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरे की घंटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि मौसम में ठंड बढ़ी तो प्रदूषक कण नीचे जमने लगेंगे, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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