Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी आज: घर घर बिराजेगे गणेश, यहां जानिए पूजन विधि व समय

On: September 19, 2023 8:15 AM
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Exact date of Ganesh Chaturthi 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 2 दिन तक रहेगी। इस उत्सव की शुरुआत 2023 में 19 सितंबर यानि आज से शुरू हो रहा है और इसका समापन 28 सितंबर 2023 को होगा।

28 सितंबर को गणेश होगा विसर्जन
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 2 दिन तक रहेगी। इस उत्सव की शुरुआत 2023 में 19 सितंबर से शुरू हो रहा है और इसका समापन 28 सितंबर 2023 को होगा। ऐसे में 28 सितंबर को गणेश विसर्जन होगा।Rewari: बुलेट बाइक पर आए, नाबालिक को उठाने का प्रयास, यूं चढा एक बदमाश हत्थे

पूरे देश में 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। गणेश चतुर्थी का पर्व को लेकर बाजार में रोनक छाने लगी है। इस दौरान घर-घर में विघ्नहर्ता श्रीगणेश की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। साथ ही उनके स्वागत के लिए घर और द्वार भी सजाए जाएंगे।

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गणेश चतुर्थी का पर्व

श्रीगणेश महोत्सव चतुर्थी से प्रारंभ होकर अनंत चतुर्दशी 29 सितंबर को गणेश विसर्जन के साथ इस त्योहार का समापन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मध्याह्न काल में हुआ था।पंचकूला में रिया यादव ने जीता गोल्ड, नेशनल चैंपियनशीप में हरियाणा का करेगी प्रतिनिधित्व

यह गणेश उत्सव 10 दिनों तक चलता है। इसमें बड़े-बड़े पंडालों में गणपति बप्पा को विराजमान कर उनकी पूजा उपासना की जाती है। शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी और शुक्लपक्ष के चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाते हैं।Gurugram: रेवाड़ी के बदमाश ने लूटी थी दिल्ली पुलिसकर्मी की कार, इस गैंग से जुडा है गुर्गा

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 2 दिन तक रहेगी। इस उत्सव की शुरुआत 2023 में 19 सितंबर से शुरू हो रहा है और इसका समापन 28 सितंबर 2023 को होगा। ऐसे में 28 सितंबर को गणेश विसर्जन होगा।

भगवान श्रीगणेश की मूर्ति को विराजमान कर, मध्याह्नकाल, अभिजित मुहूर्त सुबह 11: 52 से दोपहर 12: 41 व वृश्चिक लग्न सुबह 10:41 से दोपहर 12:59 गणपति पूजा करें। पंचोपचार व षोडशोपचार गंध, अक्षत, पुष्प, दूर्वा, फल और मोदक के लड्डू का भोग लगाएं। भगवान श्रीगणेश को दूर्वा और मोदक अतिप्रिय हैं। गणेश अथर्व शीर्ष, गणेश सहस्त्रनाम, गणेश चालीसा, संकट नाशक स्तोत्र, ॐ गं गणपतये नमः आदि मंत्रों का जप करें।बदमाशों का कहर: रेवाड़ी में फाइनेंसर को गोली मार लूटे 6 लाख, मची अफरा तफरी

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि भगवान श्रीगणेश को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में भगवान गणेश को विद्या बुद्धि प्रदाता, विघ्न विनाशक,मंगलकारी, सिद्धिदायक, रक्षा कारक, समृद्धि ,शक्ति और सम्मान दिलाने वाले देव माने जाते हैं।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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