Karnal। बुधवार सुबह सेक्टर-6 स्थित गुरु ब्रह्मानंद चौक के पास एक निजी स्कूल की बस में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आरपीएस स्कूल की यह बस बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। बस में करीब 30 बच्चे सवार थे, जो कि सुरक्षित घर पहुंचने की उम्मीद में थे, लेकिन अचानक बस के टायर फटने और शॉर्ट सर्किट के कारण धुआं उठने लगा।
धुआं उठते ही बस के अंदर बच्चों में डर और घबराहट फैल गई। हालांकि, बस के चालक ने तुरंत स्थिति को संभाला। चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया और बच्चों को सावधानीपूर्वक बस से उतारना शुरू किया। इस प्रक्रिया में बच्चों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
बस में आग लगने और चालक की तत्परता ?
बस का अगला टायर फटते ही बस के अंदर धुआं उठने लगा। चालक सतीश कुमार ने तुरंत ध्यान दिया कि यह स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने बस को साइड में रोकते ही सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बस के कंडक्टर ने भी इस दौरान चालक की मदद की। बस से बच्चों को उतारते ही आग फैल गई, लेकिन चालक और कंडक्टर ने मिलकर बस में मौजूद अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग पर काबू पा लिया। यह तत्परता देखकर आसपास मौजूद लोग भी राहत की सांस ले सके। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन घटना ने स्कूल परिवहन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौके पर अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया ?
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बस और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की। टीम ने जांच शुरू कर दी कि आग लगने का कारण क्या था और आगे से ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि स्कूल बसों में नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता कितनी महत्वपूर्ण है। अगर बस में आग बुझाने के यंत्र मौजूद नहीं होते या चालक समय पर बच्चों को नहीं उतारते, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
बच्चों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद बच्चों के माता-पिता और अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर राहत की सांस ले रहे थे। कई अभिभावकों ने चालक और कंडक्टर की तत्परता की सराहना की और कहा कि उनकी सूझबूझ और समय पर कार्रवाई ने बड़ी दुर्घटना टाल दी। स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और कड़े सुरक्षा उपाय लागू करेंगे विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बसों में अग्निशामक यंत्र, नियमित तकनीकी जाँच और चालक की सुरक्षा प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। यह घटना साबित करती है कि यदि चालक और स्टाफ समय पर सही कदम उठाएं, तो बच्चों की जान को खतरा होने से बचाया जा सकता है। करनाल के स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना के बाद स्कूल बसों की सुरक्षा जांच को और कड़ा करने का निर्देश दिया है। इसके तहत सभी निजी और सरकारी स्कूल बसों के टायर, इंजन और अग्निशामक उपकरणों की नियमित जाँच की जाएगी।
इस प्रकार, करनाल की सेक्टर-6 में हुई यह घटना न सिर्फ बच्चों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि स्कूल परिवहन और सुरक्षा प्रणालियों के महत्व को भी उजागर करती है। चालक और कंडक्टर की तत्परता ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

















