Faridabad–गुरुग्राम सूरजकुंड रोड पर गुरुवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। पाली के पास तेज रफ्तार से आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई की ओर जा गिरी। अंधेरा होने और गाड़ी की तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हालांकि किस्मत से कार खाई में गिरने से पहले एक पेड़ से टकरा गई, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना देर रात की बताई जा रही है। सड़क पर उस समय ट्रैफिक काफी कम था। बताया जा रहा है कि कार काफी तेज गति में थी। अचानक गाड़ी सड़क से फिसलकर नीचे की ओर जाने लगी और खाई की तरफ बढ़ गई। इसी दौरान वाहन एक पेड़ से टकरा गया, जिससे उसकी रफ्तार थम गई। यदि कार पेड़ से न टकराती तो सीधे गहरी खाई में गिर सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
अंधेरे और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह ?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां रात के समय काफी अंधेरा रहता है। सड़क के किनारे पर्याप्त रोशनी न होने के कारण वाहन चालकों को कई बार रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। ऐसे में यदि वाहन तेज गति में हो तो दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। घटना के समय भी कुछ ऐसा ही हुआ। कार तेज गति से सूरजकुंड रोड की तरफ बढ़ रही थी। अचानक वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सड़क से नीचे की ओर चली गई। गाड़ी खाई की तरफ लुढ़कने लगी, लेकिन तभी सामने आए पेड़ से टकराकर रुक गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कार झाड़ियों और पेड़ों के बीच फंस गई थी, जिससे वह पूरी तरह नीचे गिरने से बच गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच ?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पहले चालक की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उसके बाद दुर्घटनाग्रस्त कार को सुरक्षित तरीके से बाहर निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की। काफी प्रयास के बाद वाहन को झाड़ियों से निकालकर सड़क किनारे लाया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि हादसे की मुख्य वजह वाहन की तेज गति और रात का अंधेरा हो सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार में चालक के अलावा और कोई व्यक्ति मौजूद था या नहीं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूरजकुंड रोड के कई हिस्सों में रात के समय रोशनी की कमी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। कई बार प्रशासन से सड़क पर बेहतर लाइटिंग की मांग भी की जा चुकी है। लोगों का मानना है कि यदि सड़क किनारे पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय वाहन चलाते वक्त विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज गति, कम रोशनी और सड़क की स्थिति मिलकर किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है। फिलहाल इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, जो सबसे बड़ी राहत की बात है। लेकिन कार को हुए नुकसान और हादसे की गंभीरता यह बताने के लिए काफी है कि यदि जरा सी भी किस्मत साथ न देती तो परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
















