UGC के नए नियमों के विरोध में रविवार को धारूहेड़ा में स्वर्ण संगठन की ओर विरोध प्रदर्श्न किया। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं विरोध प्रदर्शन से पहले ज्योतिबा फूले पार्क में वक्ताओं ने संबोधन किया। उसके बार विरोध प्रदर्शन करते हुए मार्च किया तथा यूजीसी के नए नियम के खिलाफ हल्ला बोला।

जानिए यूजीसी क्या है: बता दे कि यूजीसी (UGC) का मतलब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) है, जो भारत सरकार का एक वैधानिक निकाय है और शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है, जिसका मुख्य काम देश में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उच्च शिक्षा के मानकों को तय करना, समन्वय करना और उनका रखरखाव करना है।UGC
साथ ही उन्हें मान्यता देना और आर्थिक सहायता (अनुदान) प्रदान करना है। यह विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए नियम बनाता है, फर्जी संस्थानों पर कार्रवाई करता है और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है। हाल में यूजीसी के नए नियम को लेकर पूरे देश में ये बवाल हो रहा है।

जानिए क्या है यूजीसी विवाद : बता दे कि (UGC Controversy) जनवरी 2026 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी नए ‘समानता संवर्धन नियम’ (Equity Promotion Regulations) को लेकर है, जो SC, ST, और OBC के बीच जातिगत भेदभाव रोकने के लिए हैं, लेकिन स्वर्ण समाज से जुडे लोग इनका विरोध कर रहे हैं।
क्योंकि उन्हें डर है कि इन नियमों (जैसे इक्विटी स्क्वाड) का दुरुपयोग होगा, झूठे आरोप लगेंगे और कैंपस में डर व निगरानी का माहौल बनेगा, जिससे अकादमिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी। रविवार को बडी संख्या में स्वर्ण समाज से जुडे लोग एकत्रित हुए तथ नारे बाजी के साथ विरोध प्रदर्शन किया।

महिलाओं ने लगाए नारे: धारूहेड़ा में यूजीसी के विरोध में पुरूष व बच्चे ही नहीं बल्कि महिलाओं ने जमकर विरोध किया तथा नियम को वापस करने के लिए नारे बाजी की । विरोध प्रदर्शन ज्योतिबा फूले पार्क से शुरू हुआ तथा उपतहसील पर जाकर खत्म हुआ है।
UGC के नए नियम का क्यों हो रहा विरोध?
इस नियम के लागू होते ही देश के कई हिस्सों में सवर्ण जातियों से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि यह नियम सभी वर्गों के लिए संतुलित नहीं है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है इस नियम को लेकर सबसे बड़ा डर यह है कि झूठे भेदभाव के आरोप लगाकर छात्रों और शिक्षकों को फंसाया भी जा सकता हैUGC
लगाए नारें
- शिक्षा पर जातिबाद बदं करों
- हिंदू एकता जिंदाबाद
- स्वर्ण समाज एक आवाज
- यूजीसी रोल बैक
विरोध प्रदर्शन के साथ लगे नारे: प्रदर्शनकारियों और कुछ वक्ताओं का तर्क है कि ये नियम हिंदू समाज को जातियों में बांट रहे हैं और “अगड़ा बनाम पिछड़ा” संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं। विरोध करने वाले छात्रों ने नए नियमों में “झूठी शिकायतों” को रोकने वाले प्रावधानों को हटाने पर चिंता व्यक्त की है।

इतना ही इस बदलाव से जिससे अराजकता फैलने की आशंका जताई गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम, जो SC/ST/OBC छात्रों के खिलाफ भेदभाव को रोकने के लिए हैं, जाति-आधारित विभाजन पैदा करेंगे और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए “झूठी शिकायतों” का कारण बनेंगे।

















