मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

Delhi University: नजफगढ़ में बनने वाले कालेज के नामकरण को लेकर विवाद

On: January 5, 2025 4:18 PM
Follow Us:

Delhi University (डीयू) के नजफगढ़ में बनने वाले नए कॉलेज नामकरण को विवाद खड़ा कर दिया है। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह को इस नामकरण् को लेकर पत्र भी लिखा है। जिसमें चलते इस कॉलेज का नाम बदलकर भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखने की अपील की है।

 

Delhi University: नजफगढ़ में बनने वाले कालेज के नामकरण को लेकर विवादऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन ने की मांग: एसएफआई ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से भी नजफगढ़ कॉलेज का नाम सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखने की मांग की। उन्होंने कुलपति से आग्रह किया कि कॉलेज का नाम बदलकर भारत के प्रगतिशील और समानता आधारित मूल्यों को बढ़ावा दिया जाए।

यह भी पढ़ें  Haryana: लावण्या फाउंडेशन रेवाड़ी ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में लगाया रक्तदान शिविर

नामकरण को लेकर बडा विवाद: बता दे कि नजफगढ़ कॉलेज का नामकरण वीर सावरकार के नाम पर करना विवादास्पद फैसला है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन ने कहा नामकरण वीर सावरकार के नाम करना गल्त है।

वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज का नामकरण क्यों: बता दे हाल ही पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय के दो नए परिसरों और वीर सावरकर के नाम पर नजफगढ़ में बनने वाले कॉलेज की आधारशिला रखी है।

इस नामकरण को विरोध में एसएफआई ने अपने पत्र में लिखा, “हमने विश्वविद्यालय की वेबसाइट और विभिन्न समाचार स्रोतों से जाना कि आपने इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में नजफगढ़ में बनने वाले नए कॉलेज का नाम विनायक दामोदर सावरकर के नाम पर रखने का फैसला किया है। यह निर्णय भारत के बहुलतावादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”

यह भी पढ़ें  Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बंद 5 लाख टैबलेट होंगे सक्रिय, 9वीं से 12वीं के छात्रों को मिलेगा लाभ

सावरकर के नाम पर विवाद: एसएफआई ने सावरकर को एक विवादास्पद विचारक बताते हुए कहा कि उन्होंने समानता, स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का विरोध किया। उनके विचार दिल्ली विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत और प्रगतिशील दृष्टिकोण के विपरीत हैं।

सावित्रीबाई फुले के नाम क्यों नहीं: एसएफआई ने कहा कि 3 जनवरी को कॉलेज की आधारशिला रखी गई, जो सावित्रीबाई फुले की जयंती है। सावित्रीबाई फुले 19वीं सदी की एक प्रमुख समाज सुधारक, शिक्षिका और कवयित्री थीं, जिन्होंने जाति और लिंग आधारित भेदभाव को चुनौती दी।

यह भी पढ़ें  ICICI Prudential Life ने लॉन्च किया BSE 500 Enhanced Value 50 Index Fund, जानिए इसकी खासियत

इतना ही नहीं एसएफआई ने लिखा, “सावित्रीबाई फुले को भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है। उनके नाम पर कॉलेज का नाम रखना चाहिए था। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रगतिशील विरासत को बनाए रखने के लिए सावित्री फुले के नाम पर रखना ही उपयुक्त होगा।”

Best24News

ताज़ा हिंदी खबरों का विश्वसनीय स्रोत — Best24News पर पढ़ें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यवसाय, शिक्षा और टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर जरूरी अपडेट। हम देते हैं तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें, वह भी सरल और स्पष्ट भाषा में, ताकि आप हमेशा अपडेटेड रहें।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now