भिवाड़ी के बाबा मोहन राम का तीन दिवसीय लख्खी मेला मंगलवार से शुरू हो गया है। तीन दिवसीय मेले में हरियाणा यूपी राजस्थान से बडी संख्या में श्रद्वालु पहुंच रहे है। मंदिर परिसर बाबा मोहन राम के जयकारों से गूंज रहा है। इस बार दर्शन को लेकर बडा बदलाव किया गया है।
मेला 5 मार्च तक चलेगा: पुलिस लाइन से लेकर बाबा के दरबार तक लगभग 3 किलोमीटर लंबा बाजार सजाया गया है। यहां प्रसाद, खिलौने, कपड़े, घरेलू सामान और रोजमर्रा की वस्तुओं की दुकानें लगी हैं, जहां श्रद्धालु खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। यह मेला 5 मार्च तक चलेगा। मंदिर ट्रस्ट और प्रशासनिक अधिकारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।

भिवाड़ी में हर वर्ष होली और धुलंडी के पावन अवसर पर बाबा मोहन राम का विशाल लखी मेला आयोजित किया जाता है। यह मेला न केवल राजस्थान बल्कि हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। हर साल बाबा की जोत के दर्शन करने वाली संख्या बढती ही जा रही है। बता दे इसको लेकर मान्यता है कि बाबा मोहन राम के दर्शन और ‘अखंड ज्योत’ की लौ देखने मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
बाबा के जयकरों से गूंजा भिवाड़ी: आस्था का यह मेला साल में दो बार भरता है। फिलहाल होली पर लगने वाले तीन दिवसीय मेले में भक्तों में आस्था का रंग दो दिन पहले से ही चढ़ना शुरू हो गया था। रविवार से ही श्रद्धालु ध्वज-पताका लेकर बाबा की ज्योत के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे थे। इतना ही नहीं सोमवार को भी लाखों की संख्या में लोग ध्वज पताका लेकर बाबा के दरबार में भोग लगाने पहुंचे।

सजा बाबा का दरबार: मंदिर परिसर बाबा मोहन राम के जयकारों से गूंज रहा है। पुलिस लाइन से लेकर बाबा के दरबार तक लगभग 3 किलोमीटर लंबा बाजार सजाया गया है। यहां प्रसाद, खिलौने, कपड़े, घरेलू सामान और रोजमर्रा की वस्तुओं की दुकानें लगी हैं, जहां श्रद्धालु खरीदारी करते नजर आ रहे हैं।
मंदिर का हो रहा जिर्णोद्धार: इस बार मेले की एक खास बात यह है कि पहाड़ी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में बाबा की मुख्य ज्योत के दर्शन नहीं हो रहे हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के चलते ज्योत को नीले घोड़े के पास स्थानांतरित कर दिया गया है। मुख्य ज्योत के पास ही पुलिस और प्रशासन का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, ताकि ज्योत और श्रद्धालुओं पर सीधी निगरानी रखी जा सके।
मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: मेंले में काफी भीड उमड रही है। इसी को लेकर मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेंले इस बार करीब 900 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स को तैनात किया गया है। इतना ही काफी संख्या में सादे वस्त्रधारी पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। चेन स्नैचिंग और चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
भीड़ प्रबंधन के लिए नीले घोड़े के पास से जिगजैग पैटर्न में पांच लाइनें बनाई गई हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु मंदिर के पीछे से बाहर निकल सकेंगे, जिससे भीड़ पर नियंत्रण आसान होगा।
यहां बनाए पार्किंग स्थल: मेंले में सुरक्षा के लिए कई जगह पुलिस तैनात की है वही श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए शहर में कई पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जो मंदिर परिसर से 4-5 किलोमीटर दूर हैं। पुलिस लाइन से मंदिर तक श्रद्धालुओं को लगभग तीन से चार किलोमीटर पैदल चलना होगा। बाबा की ज्योत पर चढ़ने वाले घी पर भी प्रशासन की विशेष नजर रखी गई है।

















