चंडीगढ़: एनसीआर क्षेत्र के हरियाणा जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। जल्द ही ऐसे वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा जो तय उम्र सीमा पार कर चुके हैं या फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरते। NCR
यह व्यवस्था दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।नई योजना के तहत प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर एआई तकनीक से लैस ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। जैसे ही कोई वाहन पंप पर पहुंचेगा, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा और उससे जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। NCR
यदि वाहन तय अवधि से पुराना होगा या उसकी फिटनेस अमान्य होगी, तो स्क्रीन पर संदेश आएगा—“इस वाहन को ईंधन न दें।” इससे फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर रोक लगेगी।
जानिए क्या है योजना: बता दे कि इस योजना के अनुसार, 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन देने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। हरियाणा परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के अनुमोदन के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
यहां से लागू होगी पोलिसी: बता दें कि पहले चरण में यह व्यवस्था गुरुग्राम के करीब 850 पेट्रोल पंपों पर लागू होगी, जिसके बाद फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और रेवाड़ी में भी इसका विस्तार किया जाएगा। NCR
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा और हरियाणा तकनीकी निगरानी के जरिए प्रदूषण नियंत्रण करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा। NCR
वाहन चालक कर रहे है विरोध: यह भी सामने आया है कुछ वाहन मालिक इस कदम का विरोध कर सकते हैं, विशेषकर वे जिनकी गाड़ियां पुरानी जरूर हैं परंतु अभी भी अच्छी स्थिति में हैं।
इस वर्ग को राहत देने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है ताकि नीति के लागू होने से आम जनता को असुविधा न हो और प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य पर असर न पड़े।

















