Delhi Weather: नवंबर की शुरुआत होते ही उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंडी हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है। बुधवार की सुबह दिल्ली की सड़कों पर हल्की धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता कम हो गई। मौसम विभाग ने बताया है कि 6 नवंबर से ठंड और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के कारण रातें ज्यादा ठंडी होंगी। साथ ही हवा में नमी बढ़ने से प्रदूषण का स्तर भी खराब रहने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटे में हवाओं की गति लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटा रही, लेकिन 5 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने के कारण बारिश नहीं हुई। इस वजह से वायु प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 202 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में आता है। ज़मीनी स्तर पर हवा की गुणवत्ता इससे भी ज्यादा खराब महसूस की जा रही है। कई इलाकों में घनी धुंध और स्मॉग के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अत्यंत खतरनाक हो गया है, जहां AQI 600 से भी ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह होता है। इससे सांस, अस्थमा, दिल और फेफड़ों की बीमारियों वाले लोगों को खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है। डॉक्टर भी इस समय बाहर ज्यादा समय बिताने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम विभाग ने आगे बताया कि 6 से 11 नवंबर के बीच तापमान गिरने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहेगा। आसमान साफ़ रहेगा लेकिन सुबह-शाम धुंध बनी रहेगी। हवा की नमी और धीमी गति के कारण प्रदूषण का स्तर सुधारना मुश्किल होगा।

















