देश के कई राज्यों में इस समय मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया है। चक्रवात ‘मांडूस’ (Cyclone Mandous) के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार और गुरुवार के लिए कई इलाकों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में इस चक्रवात का असर पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक फैल सकता है, जिससे इन इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी आसमान पर बादल छाए हुए हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सर्दी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। यह परिवर्तन साफ़ तौर पर दर्शाता है कि मौसम अब ठंड के आगमन की ओर बढ़ रहा है।
गर्जन के साथ बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मांडूस के कारण अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 और 31 अक्टूबर को अत्यधिक बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 30 अक्टूबर को बिजली की गर्जना के साथ तेज़ हवाएँ (30-40 किमी प्रति घंटे) चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक़, अगले 5 से 7 दिनों तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन ठंडी हवाओं की शुरुआत से सुबह और रात के तापमान में गिरावट का रुख़ जारी रहेगा।
कहाँ जारी हुआ है रेड अलर्ट?
आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट: मौसम विभाग ने विजयनगरम, विशाखापट्टनम, अनाकापल्ली, काकीनाडा, यनम, डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिनों में इन इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह चेतावनी 30 अक्टूबर तक प्रभावी रहने की संभावना है।
ओडिशा में रेड अलर्ट: ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति और गंजाम जिलों में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आसपास के जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में चक्रवात ‘मिचौंग’ (Michaung) के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु में ऑरेंज अलर्ट: तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, तिरुवल्लूर, तिरुवन्नामलाई और विलुपुरम जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में तेज़ हवाएँ और भारी वर्षा हो सकती हैं क्योंकि चक्रवात धीरे-धीरे अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
तेलंगाना और गुजरात में भी बारिश का कहर
मौसम विभाग ने तेलंगाना के कई जिलों में भी रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम और महबूबाबाद जिलों में रेड अलर्ट है, जबकि कोमुरम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, पेद्दापल्ली, खम्मम, वारंगल और हनमकोंडा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाओं के साथ बिजली और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
गुजरात में भी मंगलवार को कई जिलों में असमय भारी बारिश दर्ज की गई। अमरेली, भावनगर, गिर सोमनाथ और खेड़ा जिलों में तेज़ वर्षा के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक पूरे गुजरात में व्यापक वर्षा जारी रहेगी। सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के अमरेली, भावनगर, गिर सोमनाथ, सूरत, नवसारी, जूनागढ़ और बोटाद जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर, चक्रवात मांडूस ने देश के मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। कई राज्यों में बारिश और ठंडी हवाओं की शुरुआत से सर्दियों का आगाज़ महसूस होने लगा है, वहीं प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें।















