मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

Rewari News: स्कूल बस हादसे को लेकर बडा खुलासा: सस्ते व अनट्रेड चालकों के हवाले नैनिहालों की जिंदगी

On: February 5, 2026 8:40 PM
Follow Us:
KHULASHA

Rewari News: रेवाड़ी में मंगलवार को संजारपुर-टांकड़ी रोड पर स्कूल बस और कार की टक्कर ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्कूल बसों की निगरानी को लेकर पुलिस व प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूलों में सस्टे व अनर्टेड बस चालकों के चलते नैनिकालो की जिंदगी दाव पर लगाई हुई है। पिछले एक साल में स्कूल बसों के दस से ज्यादा हादसे हो चुके है।

 

कागजोंं में जांच: अधिकारियों का कहना है कि स्कूल बसों की समय-समय पर जांच की जाती है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की खामी पाई जाती है तो संबंधित बस का चालान किया जाता है। इसके साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में जाकर ड्राइवरों और कंडक्टरों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए जाते हैं कि वे बसों के संचालन में सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें।

यह भी पढ़ें  हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब बेटों से ज्यादा होगी बेटी की कदर, जानिए क्यों

हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से वही रटा-रटाया जवाब सामने आया कि स्कूल बसों की नियमित जांच की जाती है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई होती है। हालांकि, बार-बार होने वाले हादसे यह सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि क्या ये दावे जमीनी हकीकत से मेल खाते हैं।

एसडीएम रेवाड़ी एवं आरटीए सुरेश कुमार ने बताया कि जनवरी माह में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत स्कूलों में विशेष जांच और जागरूकता अभियान चलाया गया था। उन्होंने कहा कि हर माह तीन से चार स्कूलों में जाकर बसों की जांच की जाती है और जहां भी कमियां पाई जाती हैं, वहां नियमानुसार चालान किए जाते हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग को भी नियमित रूप से स्कूल बसों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही को रोका जा सके।

यह भी पढ़ें  व्यापारी को गोली मारने के बाद पुलिस चौकी का घेरावः दो लाख रुपए लूट की घटना के विरोध में ग्रामीणों ने रोड जाम किया

लापरवाही के चलते हुआ हादसा’ स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई अक्सर केवल कागजी साबित होती है। हादसे के बाद कुछ दिन तक जांच और चालान का सिलसिला चलता है, लेकिन समय बीतते ही सब कुछ फिर पुराने ढर्रे पर लौट आता है। संजारपुर-टांकड़ी रोड सहित कई मार्गों पर स्कूल बसों की तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी आम बात है, जिससे रोजाना बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

नैनिहालों की जीवन अनट्रेड चालकों के हवाले: बता दे कि हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब नियमित जांच और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, तो फिर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन केवल बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूल बसों की निगरानी को सख्त और लगातार बनाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now