रेवाड़ी: दिल्ली जयपुर हाईव पर सिधरावली के नामी स्कूल की एक लेडी टीचर, जो नाबालिग छात्र के यौन शोषण मामले में 21 जून से जेल में बंद है। टीचर के वकील ने फास्ट ट्रैक कोर्ट रेवाड़ी में लगाई गई जमानत याचिका खारिज हो गई है।Haryana News
कोर्ट ने ने कहा कि आरोपी ने अपनी उम्र और टीचर-स्टूडेंट के पवित्र रिश्ते का ध्यान नहीं रखा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीड़ित नाबालिग है, इसलिए सहमति का होना एक झूठा भ्रम है।Haryana News
टीचर के वकील ने दलील दी कि उसका परिवार अब चरखी दादरी शिफ्ट हो गया है और वह पीड़ित छात्र से 50 किलोमीटर दूर रहेगी।
साथ ही, उन्होंने वीडियो और होटल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि इसमें दबाव नहीं, बल्कि सहमति दिख रही है, इसलिए यह यौन शोषण का मामला नहीं बनता। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी प्राइमरी सेक्शन पढ़ाती थी, जबकि पीड़ित 12वीं कक्षा का छात्र है, इसलिए दोनों के बीच शिक्षक-छात्र का सीधा संबंध नहीं था।Haryana News
कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि पीड़ित ने एफआईआर दर्ज करने में देरी इसलिए की क्योंकि वह आरोपी के प्रभाव में था। साथ ही, यह भी माना कि पीड़ित और उसके भाई को पॉक्सो मामले में फंसाने की धमकियां मिल रही हैं।
बता दे कि आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका फास्ट ट्रैक कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों ने खारिज कर दी थी। गिरफ्तारी से बचने में नाकाम रहने के बाद पुलिस ने उसे 21 जून को गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में है।
टीचर ने किया था आत्मसम्पर्ण: बता दे कि टीचर मामला दर्ज के बाद ही फरार थी। पुलिस की ओर से कई बार गिरफ्तारी के लिए दबीच दी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। इसी बीच ने टीचर ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अग्रिम जमानत लगाई, लेकिन वह खारिज होने पर टीचर ने थान में आत्मसर्मपण कर दिया था।

















