Haryana news: धारूहेड़ा: भूमि रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर फर्जी तरीके से बैंक से 30 लाख रुपये का लोन ले लिया गया।मामले का खुलासा होने पर बैंक ने पिता-पुत्र के साथ तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नंदरामपुर बास निवासी नरेंद्र ने वर्ष 2013 में अपनी कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेजों में कथित रूप से गलत तरीके से बदलाव कराए। आरोप है कि भूमि का पूरा अधिकार न होने के बावजूद आरोपी ने रिकॉर्ड में अपने पिता धर्मवीर को पूर्ण मालिक दर्शाकर बैंक में गिरवी रख दिया। इस आधार पर हरियाणा ग्रामीण बैंक, नंदरामपुर बास शाखा से 30 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया।
बैंक प्रभारी कुलदीप ने बताया कि लोन लेने के बाद न तो किस्तों का भुगतान किया गया और न ही बैंक नोटिस का जवाब दिया गया। समय के साथ खाता एनपीए घोषित हो गया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार 2 नवंबर 2024 तक खाते में 28.82 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि दर्शाई गई। इसके बाद मामले की आंतरिक जांच की गई, जिसमें भूमि रिकॉर्ड और ऋण दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी की मिलीभगत से भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। बैंक की शिकायत पर पुलिस ने पिता-पुत्र के साथ संबंधित राजस्व अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई है।

















