भिवाड़ी: राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी में गारमेंट फैक्ट्री के भीतर हुए विस्फोट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस यूनिट को कागजों में परिधान निर्माण इकाई बताया जा रहा था, वहां विस्फोटक सामग्री तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे में 8 मजदूरों की मौत और तथा दो घायल होने की पुष्टि के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए। बताया जा रहा जिस समय ब्लास्ट हुआ था उस समय वहा पर 25 श्रमिक कार्यरत थे।

सुरक्षा पर उठा सवाल: स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई फैक्ट्रियों में घोषित कार्य से अलग गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें पहले भी उठती रही हैं। इससे पहले चोपांकी औद्योगिक क्षेत्र में भी विस्फोट की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद यह सवाल उठ रहा है कि औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों की निगरानी कितनी प्रभावी है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने अस्पताल और मोर्चरी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और परिजनों से मुलाकात की। प्रशासन का कहना है कि मृतकों के परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जा रहा है।
औद्योगिक नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले भिवाड़ी में यह हादसा केवल एक फैक्ट्री दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की मांग कर रहा है। अब देखना यह होगा कि जांच के निष्कर्ष क्या सामने लाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
परिसर की तलाशी पूरी, घायलों को किया रेफर
आग बुझाने के बाद फैक्टरी परिसर की गहन तलाशी ली गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब अंदर किसी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना नहीं है। सभी घायलों को चिकित्सा सुविधा के लिए सफदरजंग दिल्ली रेफर किया गया है। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और अधिकारियों को उपचार में किसी प्रकार की कमी न रखने के निर्देश दिए।

















