Cyber Crime : औद्योगिक कस्बे में साइबर ठगी का बडा मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक सुरक्षा कर्मचारी के बैंक खाते से 2 लाख 68 हजार रुपए उड़ा लिए। पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चलने पर उसने तुरंत साइबर थाने रेवाड़ी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि विपुल गार्डन के रहने वाले योगेंद्र वर्मा का आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। उसके खाते से मोबाइल हैकिंग के जरिए ऐप का इस्तेमाल अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए गए। योगेंद्र ने बताया कि उन्होंने कभी भी नावी ऐप इंस्टॉल नहीं किया और न ही किसी को ओटीपी साझा किया। जब उसने खाता चैक किया तो 2.68 लाख रुपए खाते से निकाले जाने पर होश उड गए।Cyber Crime

ऐप से की ठगी: वर्मा के खाते से 5 अगस्त को 74,999 और 4,800 रुपए, 6 अगस्त को 74,999 और 14,999 रुपए, जबकि 7 अगस्त को 98,999 रुपए निकाले गए है। उनका कहना है कि उनका मोबाइल हैक (Cyber crime in Rewari) कर यह ठगी की गई। वर्मा ने पहले थाना धारूहेड़ा में शिकायत दी थी। लेकिन साइबर क्राइम के चलते उसे रेवाड़ी साइबर थाना भेजा गया।Cyber Crime
पुलिस ने धोखाधडी के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दे योगेंद्र वर्मा जून माह तक हीरो मोटो कोर्प (Hero Moto Corp Dharuhera) में बतौर सुरक्षा अधिकारी कार्यरत थे। अभी उन्होने दूसरी जगह नौकरी ज्वाईन कर ली है।Cyber Crime
जानिए क्या हे नावी ऐप: बता दे यह एक “ऑल-इन-वन” वित्तीय ऐप है, जिसका मतलब है कि यह कई वित्तीय सेवाओं को एक ही स्थान पर प्रदान करता है। नावी ऐप को सचिन बंसल और अंकित अग्रवाल ने 2018 में स्थापित नवी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है।
यह ऐप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है। नावी यूपीआई (Navi UPI) को एनपीसीआई (NPCI) द्वारा अनुमोदित किया गया है, जो भारत में एक तृतीय-पक्ष भुगतान प्रणाली है। नावी ऐप में रेफरल प्रोग्राम भी है, जिसके माध्यम से आप पैसे कमा सकते हैं

















