Income Tax Rule 2025: इनकम टैक्स देने वाले करोड़ों करदाताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार इनकम टैक्स एक्ट 1961 को समाप्त कर उसके स्थान पर नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू करने की तैयारी कर रही है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि नए कानून में टैक्स स्ट्रक्चर यानी टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मौजूदा टैक्स ढांचा पहले जैसा ही रहेगा, लेकिन कानून की भाषा और प्रक्रियाओं को सरल और व्यावहारिक बनाया जाएगा, ताकि आम आदमी आसानी से टैक्स नियमों को समझ सके और टैक्स को लेकर बना डर खत्म हो।Income Tax Rule 2025
टैक्स सिस्टम को पारदर्शी, भरोसेमंद बनाना: बत दें कि वर्तमान इनकम टैक्स एक्ट काफी जटिल और कानूनी भाषा से भरा हुआ है, जिससे आम करदाता भ्रमित हो जाता है। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 सरल भाषा में होगा और इसमें अनावश्यक धाराओं और कठिन प्रक्रियाओं को हटाया जाएगा। इससे टैक्स विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है और करदाता बिना किसी परेशानी के अपना टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को पारदर्शी, भरोसेमंद और करदाता के अनुकूल बनाना है।
GST को लेकर फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं: GST को लेकर फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। सितंबर 2025 में GST परिषद द्वारा करीब 375 वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स दरों में कटौती की गई थी। वर्तमान में अधिकतर वस्तुएं और सेवाएं 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत GST स्लैब में आती हैं। ऐसे में आने वाले बजट या नए टैक्स कानून के तहत GST दरों में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। सरकार का फोकस स्थिरता बनाए रखने और व्यापारियों को राहत देने पर है।
कस्टम ड्यूटी को लेकर ये होगा बदलाव: बता दे कि इस बार कस्टम ड्यूटी को लेकर जरूर कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में कस्टम टैरिफ स्लैब की संख्या घटाकर सिर्फ 8 कर दी गई है। इसके साथ ही फेसलेस असेसमेंट और डिजिटल कस्टम प्रोसेस को तेज किया गया है। इससे आयात-निर्यात प्रक्रिया आसान होगी, समय बचेगा और बिजनेस की लागत कम होने की उम्मीद है।
12 लाख तक ना टैक्स: बता दें कि इस बार इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल फोन और आयातित पार्ट्स सस्ते हो सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी फायदा मिलेगा। वहीं तंबाकू, सिगरेट और पान मसाले जैसे उत्पादों पर टैक्स महंगा ही बना रहेगा। इनकम टैक्स को लेकर सबसे बड़ी राहत टैक्स फ्री आय सीमा को लेकर है। वर्ष 2025 के बजट में दी गई टैक्स राहत 2026 में भी जारी रहने की संभावना है। नए टैक्स नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है, तो उस पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
हालांकि नए टैक्स सिस्टम में होम लोन, सेविंग स्कीम या इंश्योरेंस पर अतिरिक्त छूट का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बावजूद कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए यह नियम काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि नए टैक्स कानून से न केवल टैक्स विवाद कम होंगे, बल्कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
















