Gujrat News: अदाणी पावर लिमिटेड को बड़ा औद्योगिक संबल मिला है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसे भारत सरकार के कोयला मंत्रालय से मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले स्थित धिरौली कोयला खदान के संचालन की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। यह कदम अदाणी पावर की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ ही उसकी उत्पादन क्षमता को भी नई ऊंचाई देगा।Gujrat News
धिरौली खदान, अदाणी पावर की सहायक कंपनी महान एनर्जेन लिमिटेड के स्वामित्व में है। इसकी पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) निर्धारित की गई है, जिसमें 5 एमटीपीए ओपन कास्ट खनन और शेष भूमिगत खनन से प्राप्त होगा। भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट के मुताबिक इस ब्लॉक में 620 एमएमटी ग्रास जियोलॉजिकल रिजर्व और 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है, जो आने वाले दशकों तक स्थिर आपूर्ति और परिचालन को सुनिश्चित करेगा।
कंपनी ने जिम्मेदार खनन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए खदान क्षेत्र में ही कोयले की धुलाई और प्रोसेसिंग की व्यवस्था की है, ताकि बाहरी क्षेत्रों में उत्सर्जन को सीमित रखते हुए पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम किया जा सके। अदाणी पावर के सीईओ एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि धिरौली ब्लॉक में खनन का आरंभ आत्मनिर्भरता और सतत विकास यात्रा का अहम पड़ाव है। इससे लागत का अनुकूलन होगा और उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
यह अदाणी पावर की पहली कैप्टिव खदान है जिसे सरकार से खनन संचालन की अनुमति मिली है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक ओपन कास्ट खनन की पीक रेट क्षमता हासिल करना है, जबकि भूमिगत खनन नौ वर्षों बाद शुरू किया जाएगा। धिरौली ब्लॉक से न केवल अदाणी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताएं पूरी होंगी, बल्कि 1,200 मेगावाट क्षमता वाले महान पावर प्लांट को भी कोयला आपूर्ति सुनिश्चित होगी। कंपनी की योजना इस प्लांट को 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की है।Gujrat News















