Budget 2026: साल 2026 का आम बजट पेश होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं और ऐसे में मिडिल क्लास व वेतनभोगी वर्ग की निगाहें इस बार के बजट पर टिकी हुई हैं। बजट से पहले नए टैक्स रिजीम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जानकारों के अनुसार सरकार टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है और टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है इस बार न्यू टैक्स रिज्यूम में 5 बडे बदलाव हो सकते है। Budget 2026
इन दिन पेश होगा बजट: बता दे कि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट पेश किया जाना है। माना जा रहा है कि इस बार सरकार का फोकस मध्यम वर्ग को राहत देने और कर प्रणाली को और सरल बनाने पर रह सकता है। खासतौर पर आयकर से जुड़े प्रावधानों में बदलाव को लेकर करदाताओं के बीच काफी चर्चा है। Budget 2026
फिलहाल ये है छूट का प्रावधान: फिलहाल नए टैक्स रिजीम के तहत सीमित छूट और कम डिडक्शन का प्रावधान है, लेकिन इसे और आकर्षक बनाने के लिए आयकर छूट की सीमा बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन अटकलों को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
निवेश को लेकर हो सकता है बदलाव: बता दें कि फिलहाल लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की सीमा बढ़ाने पर भी चर्चा चल रही है। अभी शेयर बाजार में दीर्घकालिक निवेश पर एक निश्चित सीमा के बाद टैक्स देना होता है। इस सीमा को बढ़ाने से निवेशकों को राहत मिलने के साथ-साथ बाजार में निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। करदाता लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि नए टैक्स रिजीम में कुछ जरूरी डिडक्शन को शामिल किया जाए, ताकि यह पुराने रिजीम के मुकाबले अधिक संतुलित बन सके।
नए टैक्स रिजीम में हाउस रेंट अलाउंस, मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य प्रमुख डिडक्शन का लाभ न मिलने को लेकर करदाता लगातार असंतोष जता रहे हैं। बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य खर्चों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट को नए रिजीम में शामिल किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर भी उम्मीदें : मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट और बेसिक छूट सीमा बढ़ाने की मांग लगातार सामने आ रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार बजट 2026 में इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर भी उम्मीदें जताई जा रही हैं। हाल ही में इसकी सीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण इसे और बढ़ाने की मांग उठ रही है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए टैक्स रिजीम में सीमित राहत को भी एक बड़ी कमी माना जा रहा है।

















