राम दरबार की मूर्ति को लेकर ये संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है जयुपर में राम दरबार में मूर्ति बनाते समय शीला का रूप व रंग ही बदला। मूर्ति बनाते समय हुआ चमत्कार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।Breaking News
बता दे राजस्थारन के जयपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय और उनके बेटे प्रशांत पांडेय ने अयोध्या में राम दरबार की स्थापना के लिए मूर्तियां तैयार कीं थी। परिवार की यह चौथी पीढ़ी है जो गर्भ गृह की प्रतिमाएं तराश रही है।Breaking News
वर्षों का शिल्प–अनुभव और गहरी आस्था दोनों ने मिलकर इस कार्य को साधना बना दिया। राम दरबार की मुख्य प्रतिमा के लिए पिता–पुत्र ने लम्बा शोध किया।
आखिरकार उन्हें एक अत्यन्त पुराना पत्थर मिला जिसे शास्त्रों में ‘कृष्ण शिला’ कहा जाता है। यही शिला आगे चलकर सीता राम की संयुक्त मूर्ति का आधार बनी। पत्थर इतना अनूठा था कि उसने आगे एक अलौकिक रूप धारण किया।
बदल गया शीला का रंग: प्रतिमा तराशते समय सत्य नारायण पांडेय ने पहले श्री राम के हाथ तथा वक्ष भाग को आकार दिया। उसी क्षण शिला का वह हिस्सा श्यामल हो उठा जबकि पत्थर का वह भाग जहां माता सीता विराजमान हैं गौरवर्ण का बना रहा।
पिता ने इसे कुदरत का साक्षात चमत्कार माना। उनका कहना है कि बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के एक ही पत्थर पर दो अलग रंग उभर आना प्रभु की विशेष लीला है।
















