Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर और मध्य भारत में रात का तापमान अगले एक हफ्ते तक सामान्य से नीचे रहेगा। उत्तरी क्षेत्रों में तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। वहीं दक्षिण भारत में बारिश और गरज वाले बादलों का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना ट्रफ और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में मौसम को लगातार प्रभावित करते रहेंगे। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर के पहाड़ी राज्यों में ठंड और दक्षिण के तटीय इलाकों में नमी बढ़ने की आशंका है। लोगों को रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों से चलने वाली तेज और सर्द हवाएं मैदानी राज्यों में तापमान को और नीचे ले जाएंगी। इससे रात में ठिठुरन बढ़ेगी और लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी। इन हवाओं का असर राजस्थान हरियाणा दिल्ली पंजाब और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्सों में दिखाई देगा। मौसम विभाग ने कहा है कि इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से चार से सात डिग्री कम चल रहा है। कई जगहों पर न्यूनतम तापमान दस डिग्री से भी नीचे पहुंच गया है।
दिल्ली राजस्थान और मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप
दिल्ली में सर्दी अपना असर दिखा चुकी है। आसमान साफ रहेगा और सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छा सकती है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान नौ से ग्यारह डिग्री और अधिकतम तापमान सत्ताईस से उनतीस डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दिन में मौसम सुहावना रहेगा लेकिन रातें ठंडी होंगी। शाम के बाद हवा की रफ्तार बीस किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी ठंड का असर तेज हो गया है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से सात डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है। राजस्थान के सीकर जिले में न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया है। यही स्थिति हरियाणा पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी देखने को मिल रही है।
किसानों के लिए सतर्कता और दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों और सुबह यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में जहां ठंडी लहर चल रही है वहां हल्की सिंचाई और मल्चिंग का उपयोग फसलों को ठंड से बचाने में मदद कर सकता है। अगले कुछ दिनों में इन क्षेत्रों में ठंड और बढ़ने की संभावना है।
दूसरी ओर दक्षिण भारत में बारिश का दौर शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम के कारण तमिलनाडु में बारह और तेरह नवंबर को भारी बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु के किसानों को सलाह दी है कि सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त रखें और केवल पकी हुई फसलें ही काटें। केरल तमिलनाडु माही और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

















