UPSC ने सिविल सर्विसेज परीक्षा में किया बदलाव, यहां पढे नया नियम

On: February 13, 2025 4:20 PM
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के लिए एक नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल पेश किया है, जिसमें डीएएफ-I और डीएएफ-II फॉर्म को हटा दिया गया है। यह घोषणा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की। इस कदम का उद्देश्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, परीक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित करना और पूरे परीक्षा चक्र को अधिक प्रभावी बनाना है।

नई पंजीकरण प्रक्रिया का उद्देश्य और लाभ

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस नए मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत होगी। पहले उम्मीदवारों को दो विस्तृत आवेदन पत्र (DAF-I और DAF-II) भरने होते थे, लेकिन अब एक एकीकृत ऑनलाइन आवेदन प्रणाली से यह प्रक्रिया सरल और त्वरित हो गई है।

मंत्री ने यह भी कहा कि यह बदलाव उम्मीदवारों को परीक्षा के विभिन्न चरणों के लिए आवेदन करने में सहूलियत प्रदान करेगा और परीक्षा चक्र को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इससे उम्मीदवारों को अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी, जिससे वे अपनी तैयारी पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

सिविल सेवा परीक्षा का परिचय और इसकी प्रक्रिया

सिविल सेवा परीक्षा (CSE) हर साल UPSC द्वारा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जैसे प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन करती है। सिविल सेवा परीक्षा तीन प्रमुख चरणों में आयोजित की जाती है:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination): यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होती है और इसमें दो पेपर होते हैं – सामान्य अध्ययन और सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT)।

  2. मुख्य परीक्षा (Main Examination): यह परीक्षा लिखित होती है, जिसमें नौ पेपर होते हैं, जिसमें एक पेपर अनिवार्य भाषा का होता है और बाकी के पेपर वैकल्पिक विषयों और सामान्य अध्ययन से संबंधित होते हैं।

  3. साक्षात्कार (Interview): मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाता है, जो व्यक्तित्व परीक्षण पर आधारित होता है।

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राज्यसभा में UPSC के नए आवेदन मॉड्यूल पर जानकारी

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि UPSC ने 2025 के सिविल सेवा परीक्षा के लिए नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल पेश किया है। इस नए सिस्टम में डीएएफ-I और डीएएफ-II फॉर्म को हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस नए मॉड्यूल में उम्मीदवारों को जन्म तिथि, आरक्षण श्रेणी और शैक्षिक योग्यता से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि उम्मीदवार आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी या दस्तावेज जमा नहीं करते हैं, तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। यह नियम उम्मीदवारों को सही और सत्यापन योग्य जानकारी प्रदान करने के लिए प्रेरित करेगा और आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

नए वैकल्पिक विषयों के बारे में भी चर्चा

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में यह भी बताया कि वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में एक वैकल्पिक विषय के रूप में उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में नए वैकल्पिक विषयों को जोड़ने का प्रस्ताव पर विचार किया गया था, लेकिन यह व्यावहारिक नहीं पाया गया।

यह टिप्पणी विशेष रूप से उस सवाल के संदर्भ में की गई थी, जिसमें यह पूछा गया था कि फार्मेसी को सिविल सेवा परीक्षा में एक वैकल्पिक विषय क्यों नहीं जोड़ा गया है। मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि फार्मेसी जैसे विषयों को सिविल सेवा परीक्षा के वैकल्पिक विषयों में शामिल करने के लिए आवश्यक संसाधन और संरचना की कमी है, इसलिए यह प्रस्ताव अभी तक लागू नहीं किया गया है।

आवेदन प्रक्रिया और नियम

UPSC ने उम्मीदवारों से आवेदन करते समय कुछ महत्वपूर्ण जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं, जिनमें उम्मीदवार की जन्म तिथि, आरक्षण श्रेणी और शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्र शामिल हैं। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान अपलोड करना होगा। यदि उम्मीदवार इस जानकारी या दस्तावेजों को आवेदन में शामिल नहीं करते हैं, तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।

यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि केवल पात्र उम्मीदवार ही आगे बढ़ें और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपनी जानकारी सावधानी से भरनी होगी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के लिए एक नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल पेश किया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। यह कदम परीक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित करने और उम्मीदवारों के लिए आवेदन में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हालांकि, कुछ नए वैकल्पिक विषयों को जोड़े जाने के प्रस्ताव पर अभी विचार किया गया था, लेकिन यह व्यावहारिक न होने के कारण लागू नहीं किया गया है। उम्मीदवारों को इस नई प्रक्रिया के तहत सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज सही समय पर जमा करने होंगे, ताकि उनकी आवेदन प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

Harsh

मै पिछले पांच साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है।

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