Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसे जून 2025 तक पूरा करने का दावा किया है. अब तक इसका लगभग 85% काम पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि यह अपने निर्धारित समय पर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.
सिर्फ 45 मिनट में तय होगी लखनऊ-कानपुर की दूरी
वर्तमान में लखनऊ से कानपुर का सफर लगभग 3 घंटे का होता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह दूरी 1.5 घंटे तक घटेगी. निर्माण एजेंसियों का दावा है कि लोग सिर्फ 45 मिनट में यह दूरी तय कर सकेंगे. जिससे यात्रा अधिक तेज़, आरामदायक और ट्रैफिक-फ्री हो जाएगी.
18 KM एलिवेटेड और 45 KM ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा एलिवेटेड है. इसमें 18 किलोमीटर एलिवेटेड सेगमेंट और 45 किलोमीटर ग्रीनफील्ड रूट शामिल है. इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹4700 करोड़ आंकी गई है.
छह लेन से शुरू होकर बनेगा आठ लेन एक्सप्रेसवे
अमौसी से दरोगा खेड़ा तक एक्सप्रेसवे फिलहाल चार लेन का रहेगा. जबकि बाकी हिस्से में यह छह लेन का बनाया जा रहा है. भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे आठ लेन में विस्तारित किया जा सकता है.
देश का सबसे छोटा लेकिन हाईटेक एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अपनी 63 किलोमीटर की लंबाई के साथ देश के सबसे छोटे एक्सप्रेसवे में शामिल होगा. इस प्रोजेक्ट के तहत 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और 6 फ्लाईओवर भी बनाए जा रहे हैं.
ये होगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का रूट
यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर कानपुर तक जाएगा. रास्ते में यह नवाबगंज, बंथरा, बनी, दतौली कांठा, तौरा, नेओरना, अमरसास और रावल से होकर गुजरेगा. जिससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा.Expressway
लखनऊ के ये गांव होंगे सीधे एक्सप्रेसवे से जुड़े
इस हाईवे के जरिए लखनऊ के कई गांव सीधे जोड़ दिए जाएंगे. जिनमें शामिल हैं:
अमौसी, बनी, बंथरा, सिकंदरपुर, बेहसा, फरुखाबाद, चिल्लावां, गेहरू, गौरी, खांडेदेव, मीरनपुर, पिनवट, नटकुर और सराय शहजारी. इससे इन क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी.

















