Rewari News: रेवाड़ी: विश्व सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट की ओर से रेवाड़ी के अग्रवाल भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथामृत का समापन आज विश्व शांति क लिए किए जा रहे हवन यज्ञ में संपूर्ण आहुति के साथ हुआ। इस महायज्ञ में सैकड़ो श्रद्धालुओं ने विशेष सामग्री से यज्ञ भगवान को आहुति दी।Rewari News
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ की वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ सतीश खोला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने जगन्नाथ पुरी से पधारे जगन्नाथ संस्कृत के प्रकांड विद्वान डॉ पंडित काशीनाथ मिश्र का पटका पहनाकर स्वागत और अभिनंदन किया तो डॉ काशीनाथ मिश्र ने भी पटका पहनकर डॉ सतीश खोला को अपना आशीर्वाद दिया।Rewari News

इस अवसर पर डॉ सतीश खोल ने अपने संबोधन में भगवान जगन्नाथ की चरण वंदना करते हुए डॉ काशीनाथ मिश्र का रेवाड़ी में पधारने पर हरियाणा सरकार की ओर से आभार व्यक्त किया और डॉ काशीनाथ मिश्र से पुनः रेवाड़ी में पधारने का अनुरोध किया, जिसे डॉ मिश्र ने भी स्वीकारते हुए देर नहीं लगाई। इसके पश्चात कार्यक्रम में पहुंची सभी महिलाओं को कलश वितरित किए गए। वहीं कार्यक्रम में आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
डॉ काशीनाथ मिश्र ने श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन करते हुए पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं के साथ रेवाड़ी वासियों से प्रतिदिन त्रिकाल संध्या करने, माधव नाम जपने और श्रीमद्भागवत महापुराण का पठन-पाठन और श्रवण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण स्वयं भगवान हरि की वाणी है। इसमें लिखा एक-एक वाक्य मनुष्य जीवन को न केवल कष्टों से मुक्त करता है, बल्कि कलयुग से सतयुग की ओर ले जाने वाला यही प्रमुख मार्ग है।
डॉ काशीनाथ मिश्र ने उनके द्वारा रचित भविष्य मलिका का वर्णन करते हुए कहा कि 600 साल पहले ताड़ पत्र पर लिखे गए इस ग्रंथ में वह भविष्यवाणी है, जिसे समझने के बाद मनुष्य तमाम बंधनों से मुक्त होकर सतयुग धाम को जाता है। इसलिए श्रीमद्भागवत महापुराण के साथ भविष्य मलिक का भी निरंतर पठन करें और इसे दूसरों को भी समझाएं।
उन्होंने श्रीमद्भागवत कथामृत का आयोजन करने के लिए नवीन भुराडिया और रितु भुराड़िया सहित पूरे भुराड़िया परिवार को अपना आशीर्वाद दिया। वहीं शिव कावड़ संघ और आयोजन समिति के सभी सदस्यों को आशीर्वाद देते हुए जीवन में इसी तरह का धर्म का अनुसरण और जन जागरण करने का आह्वान किया।

















