Traffic Advisory: हरियाणा के फरीदाबाद में शनिवार, 8 नवंबर को बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। इस दौरान फरीदाबाद-गुरुग्राम मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। जिला प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन-पानी और विश्राम की उचित व्यवस्था की गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
‘सनातन एकता पदयात्रा’ का उद्देश्य पूरे देश में सनातन संस्कृति, शांति और एकता का संदेश फैलाना है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले भी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ऐसी पदयात्राओं का आयोजन कर चुके हैं, जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उनका कहना है कि यह यात्रा लोगों को धर्म, सद्भाव और भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। फरीदाबाद में होने वाली यह पदयात्रा भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका मकसद समाज में एकता और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
पदयात्रा मंगर चुंगी बॉर्डर से फरीदाबाद में करेगी प्रवेश
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह पदयात्रा सुबह करीब 8 बजे मंगर चुंगी बॉर्डर से फरीदाबाद में प्रवेश करेगी और पाली-मंगर रोड होते हुए गुरुग्राम की ओर बढ़ेगी। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग के दोनों ओर का यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने यह भी बताया कि 8 और 9 नवंबर को यात्रा के मार्ग से जुड़े कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जनता की सुविधा सर्वोपरि – प्रशासन
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आम जनता की सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पदयात्रा के मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। साथ ही, आसपास के स्कूलों और कार्यालयों को पहले से सूचित कर दिया गया है ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना समय से बना सकें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे संयम और शांति बनाए रखें ताकि यह धार्मिक आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। फरीदाबाद में होने वाली यह पदयात्रा न केवल धार्मिक उत्सव है बल्कि समाज में एकता और शांति का संदेश देने वाली ऐतिहासिक घटना भी साबित होगी।

















