धारूहेड़ा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने पर रविवार को कापडीवास, सेक्टर छ व अरावली सोसायटी में विराट हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई।
इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक सुभाष सैनी, योगी रामोतार नाथ, मनोज, योगेश, सावित्री, नरेंद्र व मोहित मौंजूद रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला नगर सह कार्यवाह योगेंद्र ने संघ के 100 साल की यात्रा पर विस्तृत प्रकाश डाला तथा आमजन को संगठित हिंदू, संगठित भारत’ संदेश दिया।

माताओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को सनातन धर्म के संस्कार और शिक्षा दें, ठीक वैसे ही जैसे माता कयाधू ने भक्त प्रहलाद को दिए थे। उन्होंने कहा कि भारत पतिव्रताओं और संस्कारों का देश है, और सनातन धर्म को बचाना आवश्यक है, क्योंकि सनातन के बचे रहने से ही देश बचा रहेगा।

अन्य पदाधिकारियों ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और हिंदुओं को जागृत करने का आह्वान किया। उन्होंने हिंदी, हिंदू, संस्कृति और सनातन की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर कुर्बानी देने की बात भी कही। उन्होंने कौशल्या, देवकी और रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगना माताओं का उदाहरण दिया, जिन्होंने देश और धर्म की रक्षा की।
सनातन धर्म की सुरक्षा के लिए कठोर फैसलों के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा सांस्कृतिक अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा। इस दौरान हिंदू जागरण और सामाजिक एकता पर विशेष जोर दिया गया। इस मौके पर महिलाओं की ओर से सेक्टर छह व कापडीवास में शोभायात्रा भी निकाली गई।
धारूहेडा: सम्मेलन मे मौजूद लोग

















