हरियाणा के अहीरवाल में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई, अब इन नेताओं की चुप्पी ने बनाया सस्पेंस

On: March 21, 2026 7:30 PM
Follow Us:
राव इंद्रजीत और आरती राव के बयानों पर दिया तीखा जवाब

महेंद्रगढ़। दक्षिण हरियाणा की अहीरवाल राजनीति में पिछले कुछ दिनों से दो वरिष्ठ राजनीतिक परिवारों के बीच चली आ रही तीखी बयानबाजी ने सियासी माहौल को गरमा दिया था। हालांकि, बीते दो दिनों से अचानक आई खामोशी ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और उसके बाद उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने राजनीतिक विवाद से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं।

Aarti Rao Minister Narbir

पिछले कुछ महीनों से अहीरवाल क्षेत्र में राजनीतिक वर्चस्व को लेकर दोनों परिवारों के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आई थी। सार्वजनिक मंचों और मीडिया में एक-दूसरे पर तंज कसने से माहौल लगातार गर्म बना हुआ था। लेकिन अब अचानक आई खामोशी यह संकेत दे रही है कि या तो पार्टी स्तर पर सख्त निर्देश दिए गए हैं या फिर किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की जमीन तैयार हो रही है। इस चुप्पी ने अहीरवाल की राजनीति में सस्पेंस और बढ़ा दिया है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया है कि अहीरवाल के नेताओं के बीच मतभेद अब समाप्त हो चुके हैं और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। हालांकि, जमीनी सियासत को करीब से देखने वाले राजनीतिक जानकार इस बयान को फिलहाल संतुलन साधने की कोशिश मान रहे हैं।

हाल ही में जब उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह से राजनीतिक हालात को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा चुनावी मोड में रहती है और हर गतिविधि को 2029 के चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने राव इंद्रजीत सिंह और विरोधी खेमे से जुड़े विवाद पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राव साहब पहले ही बहुत कुछ कह चुके हैं और वह स्वयं भी अपनी बात रख चुकी हैं, अब इस विषय पर कहने के लिए कुछ नहीं बचा है।

वर्चस्व की लड़ाई: गौरतलब है कि इस राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में पहले भी तीखे बयान सामने आ चुके हैं। राव इंद्रजीत सिंह ने 2009 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए राव नरबीर सिंह के चौथे स्थान पर रहने को लेकर तंज कसा था। इसके जवाब में राव नरबीर सिंह ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत ही जाटुसाना से राव इंद्रजीत सिंह को हराकर की थी और उम्र के साथ याददाश्त कमजोर हो जाना स्वाभाविक है।

अहीरवाल की राजनीतिफिलहाल, दोनों दिग्गज परिवारों की चुप्पी ने अहीरवाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में इस खामोशी के मायने साफ होने की संभावना जताई जा रही है।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now