Breaking: राजस्थान रोडवेज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झुंझुनूं डिपो के 24 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया है। इसमें मुख्य आगार प्रबंधक से लेकर बाबू तक शामिल हैं। मुख्य आगार प्रबंधक गणेश शर्मा को निलंबित कर उनके स्थान पर गिरीराज स्वामी को लगाया गया है। निलंबित कर्मचारियों में मुख्य प्रबन्धक, प्रबन्धक (यातायात), प्रबन्धक (संचालन), प्रबन्धक (लेखा), प्रबन्धक (प्रशासन), यातायात निरीक्षक-एक, परिचालक-11, चालक- 5, वरिष्ठ सहायक/कनिष्ठ सहायक- 2। के नाम शामिल हैं।
राजस्थान रोडवेज विभाग द्वारा झुंझुनूं डिपो में बड़े वेतन घोटाला उजागर हुआ है। यहां कई कर्मचारी बिना ड्यूटी पर वेतन उठा रहे थे। यह फर्जीवाड़ा करीब तीन साल से चल रहा था। इस मामले में प्रशासन ने 24 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया है।
जानकारी के अनुसार झुंझुनूं आगार के 16 कर्मचारियों के लगातार लंबे समय से गैर हाजिर रहने एवं कार्य नहीं करने के बावजूद भी वेतन उठाने की शिकायतों की जांच करवाई गई। प्राथमिक जांच एवं प्राप्त तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर पर रोडेवज आगार झुंझुनूं में वर्तमान में विभिन्न पदों पर कार्यरत 24 अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें निलम्बित किया गया है।
साथ ही वर्ष 2020 से वर्तमान तक झुंझुनूं आगार में कार्यरत रहे सभी प्रबंधकों को 16 सीसीए नोटिस व सात सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी करने का भी निर्णय लिया गया। इसकेे अलावा जोनल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
लाखों में घोटाले का अनुमान
इस मामले की शिकायत मई 2024 में एसीबी जयपुर में की गई थी। इसके बाद ACB ने रोडवेज मुख्यालय को इसकी जांच सौंपी। रोडवेज मुख्यालय की ओर से उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन कर मामले की जांच कराई गई। यह टीम दो बार झुंझुनूं डिपो आई। टीम ने यहां पर दिनभर रेकॉर्ड खंगाले और जांच रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को सौंपी। आरोप हैं कि करीब 89 लाख रुपए के घोटाला किया गया है।

















