बुधवार को राष्ट्रपति Draupadi Murmu ने एक ऐतिहासिक क्षण में राफेल विमान से उड़ान भरते हुए कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि का दर्शन किया। यह उड़ान उस समय और भी विशेष बन गई जब राफेल ब्रहमसरोवर के ऊपर से गुजरा। इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने राष्ट्रपति को इस पवित्र स्थल के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अनुभव को राष्ट्र के नाम संदेश के रूप में साझा किया और कहा, “इस राफेल उड़ान से मैं इस प्राचीन भूमि और ब्रहमसरोवर को देख रही हूँ, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है।”
उनका यह संदेश पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया और एक बार फिर ब्रहमसरोवर तथा गीता जन्मभूमि की महिमा विश्वभर में गूंज उठी।
ब्रहमसरोवर की महिमा को फिर मिला विश्व स्तर पर सम्मान
राष्ट्रपति Draupadi Murmu का यह संदेश केवल एक औपचारिक वक्तव्य नहीं बल्कि भारत की प्राचीन संस्कृति और आधुनिक शक्ति के संगम का प्रतीक बना। इससे पहले, वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विमान से ब्रहमसरोवर का हवाई दृश्य देखकर ट्वीट किया था और लिखा था, “जब भी हरियाणा आएं, तो यहाँ अवश्य जाएं।”
प्रधानमंत्री ने उस समय स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम में भाग लेने के बाद ब्रहमसरोवर का एरियल व्यू अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किया था, जिससे यह पवित्र सरोवर न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी चर्चा का केंद्र बन गया था। अब राष्ट्रपति मुर्मू के संदेश ने इस धार्मिक स्थल की प्रतिष्ठा को और ऊँचा कर दिया है।
वीडियो में दिखा राष्ट्रपति का देश के नाम भावनात्मक संदेश
राफेल उड़ान से जुड़ा एक वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह राष्ट्रपति का स्वागत करते नजर आए। उन्होंने कहा, “हम वर्तमान में ऐतिहासिक कुरुक्षेत्र की भूमि के ऊपर हैं। आपकी दाईं ओर ब्रहमसरोवर है। क्या आप इस अनुभव से राष्ट्र के लिए कोई संदेश देना चाहेंगी, मैडम?”
इस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “नमस्ते, मेरे प्रिय देशवासियों। यह राफेल उड़ान मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। आज इस आधुनिक विमान से मैं इस प्राचीन भूमि और ब्रहमसरोवर को देख रही हूँ। यह हमारी सांस्कृतिक विविधता और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। इस अनुभव ने हमारे सैन्य सामर्थ्य पर मेरा विश्वास और मजबूत किया है। मैं इस अवसर के लिए अपने सभी वीर सैनिकों का आभार व्यक्त करती हूँ।”
पहले भी कर चुकी हैं गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ
यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरुक्षेत्र का दौरा किया। इससे पहले 29 नवंबर 2022 को उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ ब्रहमसरोवर तट पर स्थित पुरुषोत्तमपुरा अग्नि स्थल से किया था। उन्होंने वहाँ पूजा-अर्चना कर गीता भूमि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी। इसके बाद उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का उद्घाटन किया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) के दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लिया। राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा और उनका राफेल उड़ान अनुभव भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत के एक अद्भुत संगम को दर्शाता है। उन्होंने आधुनिक भारत के गर्व, परंपरा और प्रगति का जो संदेश दिया, वह निश्चय ही देशवासियों के हृदय में लंबे समय तक गूंजता रहेगा।

















