दिल्ली: मंहगाई को लेकर बडी राहत भरी खबर आई है। रिटेल महंगाई दर पिछले 15 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई से मिली राहत का असर लोन की बढ़ती ब्याज दरों पर पड़ेगा। हालांकि आम जनता का कहना है कागजो मे ही मंहगाइ कम हुइ है। जबकि धरातल ऐसा कुछ नहीं है।Haryana: कष्ट निवारण समिति के प्रभारियो में फेरबदल: जानिए किस मंत्री को मिली कहां की जिम्मेदारी
जानिए कितनी घटी मंहगाई: मार्च महीने में रिटेल महंगाई दर घटकर 5.66 फीसदी पर आ गई है। फरवरी में महंगाई दर 6.44 फीसदी रही थी, जो रिजर्व बैंक के टॉलरेंस लेवल (2-6 फीसदी) से ज्यादा थी। वहीं जनवरी महीने में महंगाई 6.52 फीसदी रही थी।
रिटेल महंगाई का यह 15 महीने का निचला स्तर है। नवंबर 2021 में महंगाई 4.91 फीसदी और दिसंबर 2021 में 5.66 फीसदी रही थी। वहीं खाद्य महंगाई दर की बात करें, तो ये मार्च 23 में घटकर 4.79 फीसदी पर आ गई है। फरवरी में यह 5.95 फीसदी थी।
बिजली और ईंधन की महंगाई भी घटी है। बिजली और ईंधन की महंगाई 9.90 फीसदी से घटकर 8.91 फीसदी पर आ गई है।
खाद्य चीजें ज्यादा सस्ती
खाने-पीने के सामान के दामों में गिरावट से महंगाई घटी है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के बास्केट में लगभग आधी हिस्सेदारी खाद्य पदार्थों की होती है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार खाने-पीने की चीजें सस्ती हुई है। खाद्य चीजों की रिटेल महंगाई दर मार्च-23 में घटकर 4.79% पर आ गई है। फरवरी में यह 5.95% थी। बिजली और ईंधन की महंगाई भी घटी है। बिजली और ईंधन की महंगाई 9.90% से घटकर 8.91% पर आ गई है।Haryana: भिवानी में दिखा तेंदुआ, रात को मची अफरा तफरी
जानिए क्या था महंगाई पर लक्ष्य
RBI ने वित्त वर्ष 2023-24 में रिटेल महंगाई दर के 5.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है। मिलवुड केन इंटरनैशनल के CEO निश भट्ट का कहना है कि जिस तरह से मार्च में रिटेल महंगाई दर में कमी आई है।
उससे लग रहा है कि आगे भी यही रुख जारी रह सकता है। सब्जियों की कीमतों में नरमी का रुख है। ऐसे में रिटेल महंगाई दर RBI के अनुमान के मुताबिक सीमित दायरे में सिमट सकती है














