Haryana News: हरियाणा में रबी सीजन की फसलों जैसे सरसों और गेहूं को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने वाले किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब मंडी से गेट पास लेने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए किसानों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में खुद उपस्थित रहने की अनिवार्यता से आंशिक छूट दे दी गई है। इस नियम के बदलने से किसानो का राहत की सांस ली है।
विरोध के बाद नियमों में बदलाव: बता दे सरकार ने पिछले सप्ताह नियम लागू किए थे। उसे दिन से हरियाणा में इन नियमों को विरोध किया जा रहा है। इसी के चलते अब नियमों में कुछ बदलाव किया गया है।Haryana NewsHaryana Shagun Yojana: हरियाणा के इन बेटियों के शादी पर मिलेंगे 2.5 लाख रुपए,1 अप्रैल से लागू होगी नई योजना
जानिए अब क्या है नया नियम: बता दें कि नए नियमों के तहत अब किसान अपनी जगह परिवार के सदस्य, किसी परिचित व्यक्ति या आढ़ती को अधिकृत कर सकता है। अधिकृत व्यक्ति मंडी में फसल लेकर पहुंचेगा और बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन कराएगा, जिसके बाद गेट पास जारी किया जाएगा। किसानों और आढ़तियों के विरोध के बाद राज्य सरकार ने यह संशोधन किया है।Haryana NewsHaryana Shagun Yojana: हरियाणा के इन बेटियों के शादी पर मिलेंगे 2.5 लाख रुपए,1 अप्रैल से लागू होगी नई योजना
वाहन पर नंबर प्लेट जरूरी: पहले बनाए गए नियमों के अनुसार सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद के लिए मंडियों के गेट पर बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई थी। इस प्रक्रिया में किसान को फसल लेकर खुद मंडी आना होता था और वाहन या ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो खिंचवाना अनिवार्य किया गया था। साथ ही वाहन पर नंबर प्लेट होना भी जरूरी रखा गया था।
3 लोगों को कर सकेंगे अधिकृत: बता दे कि नई व्यवस्था के तहत जिस किसान के नाम गिरदावरी दर्ज है और ‘मेरी फसल- मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन है, उसी के आधार पर फसल का मिलान किया जाएगा। हालांकि अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार परिवार के सदस्य, किसी जानकार व्यक्ति या आढ़ती को अधिकृत कर फसल बिक्री की प्रक्रिया पूरी करवा सकेगा।

















