गेहूं की कटाई के बाद किसान मुख्य रूप से धान की बुआई पर ध्यान देते हैं। हालांकि इस बीच किसानों को करीब दो महीने तक इंतजार करना पड़ता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान किसान ऐसी फसल बो सकते हैं जिससे उन्हें प्रति एकड़ करीब 60 हजार रुपये की कमाई आसानी से हो सकती है। मजे की बात यह है कि इसमें महज 12 से 15 हजार रुपये की लागत आती है और कमाई चार गुना ज्यादा होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह फसल कोई और नहीं बल्कि मूंग है।
धान से पहले खेतों में लगाएं यह फसल
जिले के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ. चेलीपुरी रामुलु का कहना है कि गेहूं की कटाई के तुरंत बाद आप खेतों में मूंग की बुआई कर सकते हैं। इसे लगाने के लिए आप या तो पारंपरिक तरीका अपना सकते हैं या मल्टीक्रॉप नामक खास मशीन की मदद ले सकते हैं। तरीका कोई भी हो, एक एकड़ में खेती के लिए आपको 8 से 10 किलो बीज छिड़कना होगा। अगर आप छिड़काव से पहले बीजों को मैंकोजेब से उपचारित कर लें तो पैदावार बेहतरीन होगी। एक एकड़ में लगाए गए मूंग के बीज को आप 02 मिली मैन्कोजेब को 10 लीटर पानी में एक लीटर पानी की दर से मिलाकर उपचारित कर सकते हैं।
15 हजार प्रति एकड़ की लागत
रामुलु के अनुसार, मूंग की खेती में पानी की खपत बहुत कम होती है। साथ ही, बुवाई के समय अन्य खर्च भी सीमित होते हैं। अगर आप जीरो टिलेज विधि अपनाते हैं, तो एक एकड़ में बुवाई से लेकर कटाई तक का खर्च मात्र 12 से 15 हजार रुपये आता है। वहीं, पारंपरिक तरीके से खेती करने पर 20 हजार रुपये तक का खर्च आता है। कटाई के बाद आप इसके अपशिष्ट को खेतों में ही छोड़ सकते हैं। इससे मिट्टी में फास्फोरस और नाइट्रोजन भी स्थिर हो जाएगा, जो धान की फसल के लिए बहुत अच्छा है।
60 दिनों में 60 हजार की आय
बेहतर पैदावार के लिए आप मूंग की शिखा और विराट किस्म चुन सकते हैं। एक एकड़ में करीब 600 किलो मूंग की पैदावार होती है, जिसे आप बाजार में कम से कम 100 रुपये प्रति किलो की दर से आसानी से बेच सकते हैं। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 15 हजार के निवेश से आप सिर्फ 60 से 65 दिन में कितना कमा सकते हैं। 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 60,000 रुपये की कमाई बिल्कुल तय है।















