Rewari News: फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम देखने को मिला. शहीद के सम्मान में सभी लोग हाथों में तिरंगा लिए नम आंखों से उनको विदाई दे रहे थे. वहीं, जब सिद्धार्थ यादव का पार्थिव शरीर लिए सेना का वाहन गुजरा तो सभी ने फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं……
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मुख्यमंत्री ने शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव के निधन पर जताया शोक* *-
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा – भारत मां के महान सपूत के बलिदान पर हम सबको गर्व*
नकी सगाई 23 मार्च को हुई थी और अवकाश अवधि समाप्त होने के बाद 31 मार्च को डयूटी ज्वाइन की थी। सगाई के बाद सिद्धार्थ के स्वजन दो नवंबर को होने वाली शादी की तैयारी कर रहे थे कि बृहस्पतिवार की सुबह इस अनहोनी की सूचना परिवार को मिली।
वहीं, अपने लाडले के बलिदान की सूचना पाने के बाद माता-पिता और परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। गांव में दोपहर को किसी घर में चूल्हा नहीं जला। अमर बलिदानी के पार्थिव शरीर को वायुसेना की गाड़ी से गांव देर रात तक लाया जाएगा। सूचना के बाद से ही बलिदानी के घर स्वजन को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदार पहुंच शुरू हो गए हैं।
पूरे परिवार ने की है देश की सेवा: सिद्धार्थ यादव का परिवार सदियों से देश की सेवा करता आ रहा है. सिद्धार्थ के परदादा ब्रिटिश शासन के दौरान बंगाल इंजीनियर्स में कार्यरत थे. उनके दादा अर्धसैनिक बल में थे तो वही उनके पिताजी वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे. सिद्धार्थ यादव ने वर्ष 2016 NDA से जुड़कर तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद सेना में शामिल हुए थे.

बेबी तू आया नहीं लेने… मंगेतर सानिया का विलाप
जब सानिया सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर के पास पहुंची तो रोते हुए वो बोल रही थी, ‘बेबी तू आया नहीं मुझे लेने..तूने कहा था तू आएगा.” मालूम हो कि सिद्धार्थ की 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी. अंतिम संस्कार के मौके पर उनकी मंगेतर भी श्मशान घाट पहुंची थी.

















