Haryana में हनी ट्रैप और Blackmailing का बड़ा खुलासा

On: March 15, 2026 8:57 AM
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Major Honey Trap and Blackmailing Case Exposed in Haryana

Haryana के नरवाना में पुलिस ने एक बड़े हनी ट्रैप और Blackmailing मामले का पर्दाफाश किया है। सीआईए स्टाफ नरवाना की टीम ने 27 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। डीएसपी नरवाना, कमलदीप राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि 7 मार्च 2026 को एक महिला ने थाना शहर नरवाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी के साथ दो युवकों, सुमित और अंकित, ने पिज्जा हट में दुष्कर्म किया।

Major Honey Trap and Blackmailing Case Exposed in Haryanaशिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़ित लड़की को मेडिकल परीक्षण और अदालत में बयान के लिए बुलाया गया, लेकिन उसने मेडिकल जांच करवाने से इनकार कर दिया। जब उसे अदालत में बयान के लिए ले जाया गया, तो वह अपनी मां के साथ वहां से फरार हो गई। इसके बाद महिला ने आरोपियों के परिवार से समझौते के नाम पर 30 लाख रुपए की मांग की, जो बाद में 27 लाख रुपए तक कम कर दी गई।

पुलिस की सक्रियता और आरोपी की गिरफ्तारी

अरोपियों के परिवार को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को शिकायत की कि यह मामला झूठा है और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और पीड़ित लड़की को अदालत में बयान के लिए बुलाया। अदालत में लड़की ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है। इसके बाद सीआईए स्टाफ नरवाना के इंचार्ज, उप निरीक्षक सुखदेव सिंह की टीम ने जाल बिछाया। टीम ने 27 लाख रुपए लेते हुए आरोपी विकास निवासी दालमवाला को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। विकास, शिकायतकर्ता महिला का मामा का लड़का बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामलों में समय पर सतर्कता और पुलिस की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करके न केवल आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की, बल्कि समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ एक संदेश भी दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के झूठे मामलों का फायदा उठाकर लोग आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश करते हैं, इसलिए परिवारों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध स्थिति में सीधे पुलिस या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। नरवाना पुलिस की सक्रियता इस मामले में समाज के लिए एक मिसाल बनी है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के दबाव या झूठी मांग के सामने फौरन पुलिस को सूचित करें। इस मामले में अदालत और जांच एजेंसियों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा, जिसने आरोपी की सटीक पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की। साथ ही, अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में सामाजिक जागरूकता भी बेहद जरूरी है। परिवारों को बच्चों और युवाओं को ऐसे जालों से बचाने के लिए सतर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोगों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन संपर्कों में भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि हनी ट्रैप के अधिकांश मामले डिजिटल माध्यमों से ही शुरू होते हैं। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि झूठी शिकायत या ब्लैकमेलिंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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