Surajkund में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई 32वीं उत्तरी क्षेत्र परिषद बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सामने SYL नहर का मुद्दा मजबूती से उठाया। बैठक में पानी का बंटवारा प्रमुख विषय रहा। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हर राज्य को उसके हिस्से का पानी सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने पंजाब से आग्रह किया कि जल विवादों में गुरुओं की महान परंपराओं का अनुसरण किया जाए और आपसी सहयोग की भावना रखी जाए।
हरियाणा दे रहा ज्यादा पानी, लेकिन अपना हिस्सा नहीं मिल रहा: सैनी
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा लगातार दिल्ली को उसके हिस्से से अधिक पानी देता आया है, जबकि SYL नहर का निर्माण न होने के कारण उसे पंजाब से उसका पूरा हिस्सा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यदि SYL के माध्यम से हरियाणा को उसका अधिकार प्राप्त हो जाए, तो राजस्थान को भी उसका पूरा पानी मिल सकेगा। सैनी ने यह भी कहा कि पानी केवल साझा नहीं होता, बल्कि इसे स्वच्छ रखना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यमुना नदी का विशेष उल्लेख करते हुए आश्वस्त किया कि हरियाणा यमुना जल को साफ रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
गुरुओं की धरती से सहयोग की अपील, पंजाब यूनिवर्सिटी पर भी बात
मुख्यमंत्री ने पंजाब को गुरुओं की पवित्र धरती बताते हुए कहा कि यहां भाई कनैया जी जैसे महान व्यक्तित्व हुए, जिन्होंने युद्धभूमि में घायल दुश्मनों तक को पानी पिलाया। इसलिए जल विवादों में भी इस महान परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के संदर्भ में कहा कि हरियाणा सरकार इसमें योगदान देने को तैयार है। यदि हरियाणा के कुछ कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जाते हैं, तो इससे युवाओं को लाभ मिलेगा और विश्वविद्यालय भी मजबूत होगा। बैठक में बढ़ती किशोर अपराध की समस्या का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है, और राज्य में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों से POCSO के मामलों का निपटारा तेज हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं और विकास योजनाओं पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में चिरायु योजना को आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया गया है, जो डबल इंजन सरकार के तेज विकास का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र में शामिल 217 वादों में से पहले वर्ष में ही 47 पूरे किए जा चुके हैं। इसमें दीन दयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना जैसी महत्वपूर्ण पहल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य बेटियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

















