Delhi Transport Corporation (डीटीसी) ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब तक महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा के लिए गुलाबी रंग के कागजी टिकट दिए जाते थे, लेकिन अब उनकी जगह स्मार्ट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। मंगलवार से इस नई व्यवस्था की शुरुआत कर दी गई है और शुरुआती चरण में करीब 10 हजार महिलाओं को स्मार्ट कार्ड जारी भी किए जा चुके हैं।
डीटीसी अधिकारियों के अनुसार नई प्रणाली के तहत महिलाओं को क्यूआर कोड आधारित पीवीसी स्मार्ट कार्ड दिया जा रहा है। यह कार्ड न केवल मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि यात्राओं का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में भी मदद करेगा। इससे बस सेवा के उपयोग से जुड़ा डेटा अधिक सटीक तरीके से एकत्र किया जा सकेगा और योजना के संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
अब तक महिलाओं को बस में चढ़ते समय कंडक्टर से गुलाबी कागजी टिकट लेना पड़ता था,
जिसे यात्रा के प्रमाण के रूप में रखा जाता था। हालांकि इस प्रक्रिया में कागज की खपत अधिक होती थी और डेटा रिकॉर्ड करना भी मुश्किल था। स्मार्ट कार्ड प्रणाली लागू होने के बाद यह प्रक्रिया आसान और डिजिटल हो जाएगी। यात्री कार्ड को स्कैन कराकर यात्रा कर सकेंगी, जिससे समय की बचत भी होगी।
डीटीसी ने बताया कि यह स्मार्ट कार्ड केवल बस यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा।
यह कार्ड National Common Mobility Card (एनसीएमसी) के रूप में भी कार्य करेगा। इसका मतलब है कि यदि कार्ड में रिचार्ज किया जाए तो इसे अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी उपयोग किया जा सकेगा। इससे महिलाओं को एक ही कार्ड के माध्यम से कई परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इस कार्ड के जरिए महिलाएं Delhi Metro Rail Corporation की मेट्रो सेवाओं और Namo Bharat जैसी तेज रफ्तार परिवहन सेवाओं में भी यात्रा कर सकेंगी। इससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करना और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए फिलहाल 50 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
इन केंद्रों में डीटीसी के विभिन्न डिपो और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शामिल हैं। इन स्थानों पर पात्र महिलाएं जाकर अपना पंजीकरण करा सकती हैं और स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं।
डीटीसी के मुताबिक इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
शुरुआत में सीमित संख्या में कार्ड जारी किए जा रहे हैं, ताकि नई प्रणाली को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। आने वाले समय में धीरे-धीरे सभी पात्र महिलाओं को यह कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
हालांकि अभी गुलाबी कागजी टिकटों को पूरी तरह बंद करने की कोई निश्चित तिथि तय नहीं की गई है। जब तक सभी महिलाओं को स्मार्ट कार्ड उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक पुरानी व्यवस्था भी जारी रहेगी। इस नई पहल से न केवल यात्रा प्रणाली डिजिटल होगी, बल्कि महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक बन सकेगा।
















