हरियाणा: हरियाणा परिवहन विभाग द्वारा यात्रियों को बेहतर और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज ने विशेष बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल बस सेवा 31 जनवरी 2026 से शुरू होगी, जिसका शुभारंभ सुबह 7 बजे किया जाएगा।
बल्लभगढ़ से सूरजकुंड मेले के लिए हर 30 मिनट के अंतराल पर बसें रवाना होंगी, जबकि शनिवार और रविवार को यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए हर 15 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
हरियाणा रोडवेज प्रशासन ने सूरजकुंड मेले के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। फरीदाबाद से रोजाना करीब 20 बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फरीदाबाद रोडवेज डिपो के अधिकारी नवनीत बजाज ने बताया कि मेले के दौरान बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी रखने के लिए चालक और परिचालकों की छुट्टियों पर अस्थायी रूप से पाबंदी लगाई जाएगी।

शनिवार और रविवार: हर 15 मिनट में बस: इससे बस सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए और यात्रियों को समय पर सुविधा मिलती रहे। बता दे कि बल्लभगढ़ से सूरजकुंड मेला: हर 30 मिनट में बस सेवा रहेगी। शनिवार और रविवार: हर 15 मिनट में बस इनता ही नहीं फरीदाबाद से रोजाना 20 बसों का संचालन होगा। विभाग ने बताा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बस सेवा का समय: सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संचालित की गई हैं
6 इंस्पेक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई: परिवहन विभाग ने यह भी बताया कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 6 इंस्पेक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी, जो पूरे मेले के दौरान बस संचालन पर नजर रखेंगे। विभाग द्वारा बसों की समय-सारणी और किराया सूची लगभग फाइनल कर ली गई है, ताकि यात्रियों को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
सूरजकुंड मेला परिसर से बड़खल मेट्रो स्टेशन के लिए शटल बस सेवा (मिनी बसें) भी चलाई जाएगी। यह बसें सुबह 7 बजे से चलना शुरू होंगी और इसके बाद साढ़े 8, साढ़े 9, साढ़े 10, साढ़े 11, दोपहर साढ़े 12, डेढ़, ढाई, साढ़े 3, साढ़े 4, साढ़े 5 और अंतिम बस शाम साढ़े 6 बजे रवाना होगी।
ये रहेगा किराया: बता दे कि बड़खल मेट्रो स्टेशन से सूरजकुंड मेला: किराया 10 रुपये जबकि बदरपुर बॉर्डर से सूरजकुंड मेला: किराया 25 रुपये तय किया गया है। हरियाणा रोडवेज की इस पहल से सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में आने वाले पर्यटकों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा, वहीं सड़क पर निजी वाहनों का दबाव भी कम होगा।

















