Haryana News: नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ हरियाणा से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ ने विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा को लेकर हिसार में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में “विश्वविद्यालयों में जॉब सुरक्षा एक्ट” लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। यह बैठक 12 जनवरी 2026 को हिसार में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष आजाद सिंह ने की। Haryana News
प्रदेश संयोजक रणबीर बांगड़वा ने 515 कर्मचारियों की सदस्यता फार्म प्रदेश महामंत्री को सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि आगामी कैबिनेट बैठक या सत्र में विश्वविद्यालयों में जॉब सुरक्षा एक्ट पर विचार नहीं किया गया, तो संघ को प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बैठक में सिरसा, मीरपुर, भिवानी, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष व पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में संघ पदाधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के विश्वविद्यालयों में हजारों कर्मचारी कच्चे, अनुबंध और एडहॉक आधार पर पिछले 10 से 15 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक स्थायी नौकरी सुरक्षा नहीं मिल पाई है। संघ ने मांग की कि हरियाणा सरकार एक विशेष प्रावधान के तहत “हरियाणा विश्वविद्यालय कर्मचारी नौकरी सुरक्षा एक्ट” पारित करे और सभी कर्मचारियों का डाटा सर्विस एक्ट पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करवाया जाए। बीएमएस के प्रदेश महामंत्री हवा सिंह मैहला ने कहा कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा दी जाए, किसी भी प्रकार की छंटनी पर पूर्ण रोक लगे और उन्हें जॉब सुरक्षा गारंटी से बाहर न किया जाए।
संघ ने यह भी मांग रखी कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों को मेडिकल सुविधाओं के लिए चिरायु योजना का लाभ दिया जाए और समान काम समान वेतन के सिद्धांत के तहत वित्तीय लाभ सुनिश्चित किए जाएं। हवा सिंह मैहला ने कहा कि विश्वविद्यालय स्वायत्त निकाय होने के कारण सरकारी नीतियों को लागू करने में देरी करते हैं, लेकिन एक विशेष एक्ट बनने से कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न रुकेगा, एचकेआरएन से बाहर के कर्मचारियों को कानूनी संरक्षण मिलेगा और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता आएगी।
प्रदेश महामंत्री विजय नियाणा ने कहा कि कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा से वंचित रखना उनके मान-सम्मान पर आघात है और सरकार को जल्द से जल्द विश्वविद्यालयों में जॉब सुरक्षा एक्ट लागू करना चाहिए। बीएमएस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जीवन सिंह ठाकुर ने विश्वविद्यालय कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा से बाहर रखने को निंदनीय बताते हुए कहा कि विद्युत विभाग के कर्मचारी भी विश्वविद्यालय कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे।

















