Haryana News: हरियाणा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुकी और सभी पात्रता शर्तें पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत करने का निर्णय किया है। इसके तहत सुपरवाइजर के कुल स्वीकृत पदों में से 50 प्रतिशत पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति से भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। Haryana News
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीधा लाभ: बता दे कि हरियाणा सरकार के इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रही हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। पहले चरण में 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब इस दायरे को बढ़ाते हुए 2807 आंगनबाड़ी केंद्रों के अपग्रेडेशन का कार्य तेज गति से चल रहा है। Haryana News
2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-वे स्कूल बनेगे: आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की सामग्री खरीदी जाएगी, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। वहीं 81 करोड़ रुपये की लागत से 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-वे स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। Haryana News
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी कुल 66 घोषणाएं की गई थीं। इनमें से 59 घोषणाओं को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, जबकि तीन घोषणाओं पर कार्य तेजी से प्रगति पर है। सरकार का लक्ष्य है कि शेष घोषणाओं को भी जल्द पूरा किया जाए। Haryana News
कुपोषण के खिलाफ अभियान: कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी सरकार को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष राज्य में चिन्हित किए गए 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकाला जा चुका है। शेष 26 हजार बच्चों को भी जल्द कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को उबले काले चने, चूरमा और किन्नू जैसे पोषक आहार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार के इन कदमों से महिला एवं बाल विकास से जुड़े तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
















