Haryana News: हरियाणा सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस मेडिकल पॉलिसी को और बेहतर बनाने का फैसला लिया है। अब राज्य में रिटायर्ड पेंशनभोगियों के आश्रितों का डेटा अपडेट किया जाएगा ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुविधा योजना का पूरा लाभ मिल सके। इस योजना के तहत पेंशनभोगी और उनके आश्रित पैनल में शामिल अस्पतालों में कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। हरियाणा में करीब 1.24 लाख रिटायर्ड कर्मचारी पेंशन पर जीवन यापन कर रहे हैं।
आश्रितों के लिए विकसित हुआ ‘आश्रित मॉड्यूल’
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने रिटायर्ड कर्मचारियों के आश्रितों को जोड़ने के लिए ‘आश्रित मॉड्यूल’ तैयार किया है। पेंशनभोगी इस मॉड्यूल के माध्यम से ई-पेंशन सिस्टम में लॉगइन करके अपने और अपने आश्रितों के दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इस प्रक्रिया की पुष्टि रिटायरमेंट कार्यालय के प्रमुख अधिकारी करेंगे। उसके बाद यह डेटा आयुष्मान भारत योजना के साथ साझा किया जाएगा, जिससे आश्रितों को स्वास्थ्य योजना का लाभ मिलेगा।
योजना का कार्यान्वयन दो चरणों में होगा
यह मॉड्यूल उन पेंशनभोगियों के लिए शुरू किया जाएगा जो पहली बार ई-पेंशन सिस्टम के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। बाद में दूसरे चरण में बैंक से पेंशन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
ई-कार्ड ऐसे बनेगा और मिलेगा लाभ
पेंशनभोगी और उनके आश्रितों को इस योजना के तहत पैनल अस्पतालों में इलाज के लिए ई-कार्ड जारी किए जाएंगे। कार्ड तीन चरणों में बनाए जाएंगे। पहले चरण में सरकारी कर्मचारी और उनके आश्रित आयुष्मान भारत मोबाइल एप या beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना E-KYC और कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। दूसरे चरण में वे अपने नजदीकी CSC सेंटर की मदद ले सकते हैं। तीसरे चरण में सार्वजनिक अस्पतालों में PMAM कियोस्क पर जाकर भी कार्ड बनवाया जा सकता है।

















